चेन्नई, 4 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु में उच्च शिक्षा में दाखिलों को लेकर स्कूली शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे 5 जून तक जिला-स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित करें और यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करें कि कक्षा 12 का हर योग्य छात्र किसी उच्च शिक्षा या तकनीकी संस्थान में दाखिला पा सके।
पिछले वर्ष शुरू की गई इस पहल को इस बार जून से अक्टूबर तक लागू किया जाएगा। इसके तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में कक्षा 12 में नामांकित 5.44 लाख छात्रों को शामिल किया जाएगा। इनमें 3.55 लाख छात्र सरकारी स्कूलों और 1.89 लाख छात्र सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव बी. चंद्र मोहन ने जिला प्रशासन को भेजे गए एक पत्र में निर्देश दिया है कि कंट्रोल रूम का नेतृत्व डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी करें और ये उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों की निगरानी के लिए नोडल केंद्र के रूप में कार्य करें।
इस कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि जिला-स्तरीय टीमें एजुकेशनल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (ईएमआईएस) के जरिए उपलब्ध डेटा का इस्तेमाल करके उन छात्रों की पहचान करेंगी, जिन्होंने उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन नहीं किया है, बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण नहीं हो पाए हैं, परीक्षा छोड़ दी है या पूरक परीक्षाओं के लिए पंजीकरण नहीं कराया है।
इसके बाद टीमें उन बाधाओं को दूर करने के लिए हस्तक्षेप करेंगी जो छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने से रोक रही हैं। हर जिला कंट्रोल रूम में लगभग 15 सदस्य होंगे, जो शिक्षा, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों से लिए जाएंगे।
ये टीमें काउंसलिंग, दाखिले पर मार्गदर्शन, जरूरी प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सहायता, छात्रवृत्ति सहायता और वित्तीय सहायता योजनाओं तक पहुंचने में मदद प्रदान करेंगी।
कमजोर और वंचित पृष्ठभूमि वाले छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के छात्र, माता-पिता का सहारा न पाने वाले बच्चे, दिव्यांग छात्र, शरणार्थी, खेल कोटे के तहत दाखिला चाहने वाले उम्मीदवार, एकल-अभिभावक परिवारों के छात्र और व्यावसायिक विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्र शामिल हैं।
निगरानी को मजबूत करने के लिए, स्कूल शिक्षा विभाग एक राज्य-स्तरीय कंट्रोल रूम भी स्थापित करेगा। यह केंद्रीय इकाई कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में दाखिलों पर नजर रखेगी, सीटों की रिक्तियों की निगरानी करेगी और जिला अधिकारियों को दाखिले की प्रक्रिया को आसान बनाने पर मार्गदर्शन देगी।
इस पहल में जिला कलेक्टरों को हर पखवाड़े (दो हफ्ते में एक बार) छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए विशेष बैठकें आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य दाखिले से संबंधित मुद्दों को हल करना और जहां भी संभव हो, मौके पर ही दाखिला दिलाना होगा। जिला प्रशासनों को निर्देश दिया गया है कि वे राज्य-स्तरीय कंट्रोल रूम को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जमा करें, ताकि नामांकन के स्तरों की लगातार निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी पात्र छात्र उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित न रह जाए।
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