थकान, डिहाइड्रेशन दूर कर तुरंत मिलेगी एनर्जी, गर्मियों में पिएं 'गुड़ का शर्बत'

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। गर्मी के मौसम में थकान, कमजोरी, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में प्राकृतिक और पौष्टिक पेय की जरूरत पड़ती है। गुड़ का शर्बत गर्मियों के लिए एक बेहद फायदेमंद, रिफ्रेशिंग और एनर्जी देने वाला ड्रिंक है।

गुड़ का शर्बत शरीर को तुरंत ठंडक और ऊर्जा देता है साथ ही गर्मी से होने वाली कई समस्याओं से राहत भी दिलाता है। गुड़ का शर्बत बनाना भी बहुत आसान है। आधा कप गुड़ को दो कप पानी में अच्छी तरह भिगो लें। इसमें एक बड़ा चम्मच नींबू का रस, आधा छोटा चम्मच भुना जीरा, कुछ पुदीना के पत्ते और स्वादानुसार काला नमक मिलाकर अच्छे से फेंट लें। यह शर्बत गर्मी में रोजाना पीने के लिए एकदम सही और स्वादिष्ट है।

आयुर्वेद में गुड़ को अमृत के समान माना गया है। यह प्राकृतिक मिठास का सबसे अच्छा स्रोत है और चीनी से कहीं बेहतर विकल्प है। गुड़ में आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन बी6 और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। गर्मियों में जब लोग थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तब गुड़ तुरंत ऊर्जा देता है और खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने में मदद करता है।

गुड़ पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों को साफ रखता है। गर्मी के मौसम में गुड़ को पानी या छाछ के साथ मिलाकर पीने से शरीर को ठंडक मिलती है, प्यास नहीं लगती और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है। यह पेट की गैस, एसिडिटी और जलन को भी कम करता है।

आयुर्वेद के अनुसार, गुड़ में मौजूद प्राकृतिक खनिज शरीर का तापमान संतुलित रखते हैं, जिससे गर्मी में भी कमजोरी नहीं होती। गुड़ का सेवन ग्लूकोज भी प्रदान करता है जो शरीर को तुरंत एनर्जी देता है। गर्मियों में अक्सर पसीना आने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। गुड़ का शर्बत इनकी पूर्ति करके शरीर को हाइड्रेट रखता है। साथ ही यह इम्युनिटी बढ़ाने और थकान कम करने में भी सहायक है।

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में गुड़ का शर्बत पीना बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से ठंडक पहुंचाता है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। हालांकि, गर्मी में गुड़ की मात्रा ज्यादा न लें। दिन में एक या दो गिलास पर्याप्त है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह से ही गुड़ का सेवन करना चाहिए।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

Related posts

Loading...

More from author

Loading...