तेलंगाना में छात्रों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी

हैदराबाद, 11 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के स्कूली छात्र तंबाकू, शराब और मादक पदार्थों से दूर रहने की सामूहिक शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार रात लोक भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मुलाकात कर उन्हें 12 जून को स्कूलों के पुनः खुलने के अवसर पर आयोजित होने वाले छात्र सम्मेलन में आमंत्रित किया।

इस कार्यक्रम के दौरान, सरकार छात्रों को सामूहिक शपथ दिलाएगी, जिसमें उनसे तंबाकू, शराब और मादक पदार्थों से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में व्यवहार करने का आग्रह किया जाएगा।

इससे पहले, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को सुझाव दिया था कि छात्रों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जानी चाहिए।

राज्यपाल के सुझाव के अनुरूप, राज्य सरकार नशा मुक्ति की शपथ दिलाने के लिए छात्रों की एक विशाल सभा का आयोजन कर रही है।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्यपाल को यह भी बताया कि उसी दिन छात्रों को वर्दी, पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, स्कूल बैग, खेल सामग्री और अन्य आवश्यक सामग्री से युक्त किट वितरित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को अवगत कराया कि स्कूल और कॉलेज प्रबंधन छात्रों को नशा और अन्य व्यसनों से बचाने के लिए निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करेंगे।

सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह और अन्य संबंधित गतिविधियां विद्यालय शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग और नशा-विरोधी बल ईगल के तत्वावधान में संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही हैं।

यह पहल शैक्षणिक संस्थानों को सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण बनाए रखने में छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और प्रबंधन की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल देती है।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने त्वरित शासन, कल्याणकारी सेवाओं के वितरण और विकास पहलों पर केंद्रित 99 दिवसीय कार्य योजना 'प्रजा पालन-प्रगति प्रणालीका' के अंतर्गत शिक्षा सप्ताह के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने एलबी स्टेडियम में कार्यक्रम के अंतर्गत लगाए गए स्टालों का भ्रमण किया।

उन्होंने क्यूआरई क्षेत्र में 1,011 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल की आधारशिला रखी।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सरकारी शिक्षकों और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए छात्रों को नकद पुरस्कार भी वितरित किए।

शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति और कई पहलों को लागू करके शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के अपने मिशन की घोषणा की। इन पहलों में हर साल शिक्षा बजट बढ़ाना, सरकारी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की शिक्षा शुरू करना और सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों में छात्रों को नाश्ता उपलब्ध कराना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य बजट का 8 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया है।

यह आवंटन हर साल बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में कुल बजट का 15 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी स्कूलों को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि वे निजी संस्थानों से प्रतिस्पर्धा कर सकें।

--आईएएनएस

एमएस/

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