शतावरी का सेवन सिर्फ फायदेमंद नहीं, सही जानकारी के बिना नुकसानदायक भी साबित हो सकता है

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। महिलाओं में गर्भाशय और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी परेशानियां आज के समय में बहुत आम हैं, और परेशानियां इस हद तक बढ़ चुकी हैं कि इससे प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होने लगी है।

आयुर्वेद की दुनिया में इन सभी परेशानियों का हल छिपा है, और शतावरी को महिलाओं के गर्भाशय से जुड़ी समस्या से छुटकारा पाने का तरीका बताया गया है। शतावरी को आयुर्वेद में "रानी औषधि" कहा गया है।

शतावरी पीसीओडी, अनियमित पीरियड, फर्टिलिटी बूस्टर, डिलीवरी के दूध उत्पादन में मददगार, तनाव और एजिंग से मुक्ति से मुक्ति पाने का साधन माना गया है। इन सभी समस्यों से निपटने के लिए आयुर्वेद शतावरी के सेवन की सलाह देता है। शतावरी के फायदों के बारे में तो सभी जानते हैं कि लेकिन इसके नुकसान के बारे में कम ही बात होती है। आज हम शतावरी के सेवन के साइड-इफेक्ट्स के बारे में बात करेंगे।

गर्भवती महिलाओं को शतावरी के सेवन से नुकसान हो सकता है। कुछ महिलाओं में गर्भपात का इतिहास रहा होता है। ऐसे में शतावरी का सेवन शरीर को कमजोर कर सकता है। इसलिए शतावरी के सेवन से पहले उसके दुष्परिणामों को जान लेना बहुत जरूरी है। यह गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।

थायरॉइड के मरीज को भी शतावरी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। शतावरी के सेवन से हार्मोन ओवरस्टिम्युलेट हो सकते हैं और यह परेशानी को कम करने की बजाय बढ़ा सकता है। इसके साथ ही, जिन लोगों का पाचन कमजोर होता है और खाना ठीक से पचता नहीं है, उन्हें भी शतावरी का सेवन नहीं करना चाहिए।

शतावरी के सेवन से पेट फूलना, गैस, पेट में मरोड़ और दस्त जैसी परेशानी हो सकती है। शतावरी हर किसी को सूट नहीं करती है, कुछ लोगों को इसके सेवन से एलर्जी भी हो जाती है। इसके सेवन से कुछ महिलाओं में त्वचा पर चकत्ते, पित्ती, आंखों से पानी और सांस लेने में परेशानी होने की समस्या भी देखी गई है। ऐसे में सेवन के साथ एलर्जी का भी ध्यान रखें और अगर किसी भी खाद्य पदार्थ से पहले ही एलर्जी है, तो शतावरी के सेवन से बचे।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

Related posts

Loading...

More from author

Loading...