स्वस्थ लिवर के लिए आयुष मंत्रालय का सुझाव, अपनाएं आयुर्वेदिक डाइट और माइंडफुल ईटिंग

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार और अनियमित दिनचर्या से भरी जिंदगी में खुद को सेहतमंद रखना किसी चुनौती से कम नहीं। जंक फूड और सेहत के प्रति बढ़ती लापरवाही धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंग लिवर को नुकसान पहुंचा रही है। लिवर की सेहत के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने विश्व लिवर दिवस के अवसर पर लोगों को लिवर स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेदिक डाइट और माइंडफुल ईटिंग अपनाने की सलाह दी है। मंत्रालय के अनुसार, सही खान-पान की आदतें अपनाकर हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, आयुर्वेदिक सिद्धांतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी पीना और समय पर सोना भी लिवर को स्वस्थ रखने में सहायक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके हम लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।

आयुष मंत्रालय के अनुसार लिवर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक चीजों में अदरक (आर्द्रक) और लहसुन (रसोना), पटोला के पत्ते और फल, पुनर्नवा या बोएरहाविया डिफ्यूसा शामिल हैं। आंवला, अनार, अंगूर, पपीता, संतरा और नींबू जैसे फल, माकोय (सोलेनम नाइग्रम) के पत्ते व शिगरू (मोरिंगा ओलीफेरा) के पत्ते भी शामिल हैं, जो लिवर की सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं।

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, लिवर की समस्या वाले मरीजों को कुछ दिनों तक सीमित और हल्की डाइट पर रखना फायदेमंद होता है। माइंडफुल ईटिंग यानी भोजन करते समय ध्यान से और शांति से खाना भी लिवर की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। इससे पाचन अच्छा होता है और शरीर पर बोझ नहीं पड़ता।

माइंडफुल ईटिंग लिए भोजन करते समय मोबाइल और टीवी बंद रखें। खाने को अच्छी तरह चबाकर खाएं। ताजे और घर के बने भोजन को प्राथमिकता दें। ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड से बचें। साथ ही एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

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