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मुंबई, 13 मई (आईएएनएस)। फार्मा कंपनी सिप्ला ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (क्यू4) के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 54.6 प्रतिशत घटकर 554.64 करोड़ रुपए रह गया। कंपनी के मुनाफे में यह बड़ी गिरावट इम्पेयरमेंट चार्ज के कारण आई, जबकि सालाना आधार पर कंपनी की आय में भी हल्की कमी दर्ज की गई।
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 554.64 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 1,221.84 करोड़ रुपए था।
चौथी तिमाही में कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली आय (रेवेन्यू) 6,541.20 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 6,729.69 करोड़ रुपए थी। इस तरह राजस्व में 2.80 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी का ईबीआईटीडीए भी 38 प्रतिशत घटकर 955 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,537.6 करोड़ रुपए था।
वहीं ईबीआईटीडीए मार्जिन भी सालाना आधार पर 22.80 प्रतिशत से घटकर 14.6 प्रतिशत पर आ गया।
सिप्ला ने कहा कि 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने कुछ व्यावसायिक परिस्थितियों और बाजार की गतिशीलता में बदलाव के कारण अपनी सहयोगी कंपनियों में 42.02 करोड़ रुपए का इम्पेयरमेंट चार्ज दर्ज किया।
कंपनी ने कहा कि अगर इम्पेयरमेंट चार्ज का असर हटाया जाए तो चौथी तिमाही में ईबीआईटीडीए 997 करोड़ रुपए होता और ईबीआईटीडीए मार्जिन 15.2 प्रतिशत रहता।
इस बीच, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 13 रुपए के अंतिम डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
कंपनी ने कहा कि शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद वार्षिक आम बैठक (एजीएम) की तारीख से 30 दिनों के भीतर डिविडेंड का भुगतान कर दिया जाएगा।
साथ ही, कंपनी ने अंतिम डिविडेंड के लिए पात्र शेयरधारकों की पहचान तय करने हेतु 5 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है।
तिमाही नतीजों के बाद शेयर बाजार में सिप्ला के शेयरों में तेजी देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक दोपहर 2:40 बजे के करीब कंपनी के शेयर एनएसई पर 3.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,338.10 रुपए पर कारोबार करते नजर आए।
--आईएएनएस
डीबीपी