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नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर मजदूरों के अधिकारों और सम्मान के साथ-साथ उनकी सेहत की सुरक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है। देश के कई हिस्सों में बढ़ती भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने वाले श्रमिकों के लिए आज सुरक्षा को लेकर खास सावधानियां बरतने की जरूरत है।
मेहनतकश हाथों की मेहनत से ही देश आगे बढ़ता है। इसलिए उनकी सेहत की सुरक्षा एक बड़ी जिम्मेदारी है। श्रमिक दिवस यह याद दिलाता है कि हर मेहनतकश व्यक्ति को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में काम करने का अधिकार है। गर्मी में बढ़ते तापमान के इस मौसम में खुले में काम करने वाले मजदूर, निर्माण कार्य करने वाले कामगार, खेतों में काम करने वाले किसान और सड़क किनारे काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, लू और हीटवेव से बचाव नहीं होना श्रमिकों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। लू में श्रमिकों के लिए जरूरी सावधानियां हैं, जिन पर ध्यान देकर गर्मी के प्रकोप से बचा जा सकता है। इसके लिए काम करते समय जहां तक संभव हो छाया में रहें। यदि धूप में काम करना जरूरी हो तो सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से अच्छी तरह ढककर रखें। पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। प्यास लगने से पहले छोटे-छोटे घूंट में पानी पिएं।
इसके अलावा, ज्यादा चीनी वाले ठंडे पेय, कोल्ड ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स से बचें। इनसे शरीर में डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ सकता है। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें जो पसीना सोख सके और शरीर को ठंडक दे। लगातार धूप में काम न करें। हर 45-60 मिनट में 10-15 मिनट का आराम जरूर लें। हल्का और सुपाच्य भोजन करें। भारी, तला-भुना या मसालेदार खाना शरीर को और गर्म कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लू लगने पर चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में तुरंत छाया में ले जाकर ठंडे पानी से शरीर को पोछना चाहिए और डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। उद्योग संगठन और ट्रेड यूनियन्स को चाहिए कि वे गर्मी के मौसम में काम के घंटों को तर्कसंगत बनाएं, छाया और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें व मजदूरों को जागरूक करें।
--आईएएनएस
एमटी/एएस