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गंगटोक, 8 मई (आईएएनएस)। सिक्किम सरकार ने एसटीएनएम अस्पताल से इलाज और रेफरल के बाद एक महिला और उसके अजन्मे जुड़वा बच्चों की मौत की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मृत महिला श्वेता कार्की ग्यालशिंग जिले की निवासी थीं। उसको बेहतर इलाज के लिए अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
उनके पति स्वरूप छेत्री ने अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही और इलाज में खामियों का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी पत्नी और उनके अजन्मे जुड़वा बच्चों की मौत अनुचित चिकित्सा प्रबंधन के कारण हुई।
इस घटना ने राज्य में जनमानस में चिंता पैदा कर दी है, जिसके चलते सरकार ने मामले की औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार समिति को मरीज के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उसे दूसरे चिकित्सा केंद्र में रेफर किए जाने तक की पूरी घटनाक्रम की जांच करने का कार्य सौंपा गया है।
समिति मरीज को दिए गए उपचार और नैदानिक प्रबंधन की समीक्षा करेगी और यह निर्धारित करेगी कि क्या उपस्थित चिकित्सा कर्मचारियों ने स्थापित प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी प्रोटोकॉल का पालन किया था।
अधिकारियों ने बताया कि जांच में गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मृत्यु और रेफर किए जाने के बाद श्वेता कार्की की मृत्यु के कारणों का भी आकलन किया जाएगा।
समिति को उपचार के दौरान किसी भी प्रक्रियात्मक खामियों, मरीज की देखभाल में चूक या लापरवाही की पहचान करने का भी निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार ने समिति को एक सप्ताह के भीतर सक्षम प्राधिकारी को अपनी जांच रिपोर्ट और सिफारिशें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
जांच समिति में वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जवाबदेही सुनिश्चित करने और मौतों के आसपास की सटीक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
--आईएएनएस
एमएस/