Punjab Sehat Yojana : पंजाब ने स्वास्थ्य सेवा योजना तक पहुंच के लिए 19,000 आशा कार्यकर्ताओं को किया तैनात

पंजाब में 19,000 आशा कार्यकर्ता सेहत योजना के लिए घर-घर पंजीकरण कर रहे, 10 लाख नामांकन पूरे।
पंजाब ने स्वास्थ्य सेवा योजना तक पहुंच के लिए 19,000 आशा कार्यकर्ताओं को किया तैनात

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवा योजना तक पहुंच के लिए 19,000 आशा कार्यकर्ताओं को तैनात किया है।

प्रदेश सरकार ने 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' (एमएमएसवाई) के तहत नामांकन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को सक्रिय कर दिया है। इसका उद्देश्‍य स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक मजबूत बनाना है।

बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अब 19,000 से अधिक आशा कार्यकर्ता और 900 सहायक राज्य भर के गांवों में पंजीकरण का काम संभाल रहे हैं।

आशा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर इस योजना की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसमें बताया गया है कि हर कार्यकर्ता को लगभग 1,000 निवासियों की आबादी सौंपी गई है, जिसमें लगभग 250 परिवार शामिल हैं। यहां वे घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं, योजना के बारे में जागरूकता फैला रही हैं, और परिवारों को सेवा केंद्रों तथा कॉमन सर्विस सेंटरों पर पंजीकरण के लिए साथ ले जा रही हैं।

यह तरीका यह सुनिश्चित करता है कि जागरूकता सीधे घरों तक पहुंचे (विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में) और साथ ही यह परिवारों को नामांकन प्रक्रिया में भी मार्गदर्शन देता है, ताकि पंजीकरण और सत्यापन का काम बिना किसी देरी या भ्रम के सुचारू रूप से पूरा हो सके।

जमीनी स्तर पर की गई इस लगातार सक्रियता का असर अभी से दिखाई देने लगा है। आशा कार्यकर्ताओं के प्रयासों से पिछले 20 दिनों में ही लगभग 10 लाख नामांकन हुए हैं, जिससे पूरे पंजाब में निवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने की गति में काफी तेजी आई है।

इस गति को बनाए रखने के लिए, आशा कार्यकर्ताओं के नेतृत्व वाले मॉडल को एक संरचित प्रोत्साहन प्रणाली के माध्यम से समर्थन दिया जाता है, जिसमें कार्यकर्ताओं को सफल नामांकन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे जवाबदेही और क्षेत्रों में लगातार पहुंच सुनिश्चित होती है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में किसी भी परिवार को इलाज का खर्च वहन न कर पाने के कारण कष्ट न सहना पड़े। हमारी आशा कार्यकर्ता इस वादे को लोगों के घर-घर तक पहुंचा रही हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक परिवार जागरूक हो और पंजीकरण करा सके। यह सिर्फ कागजों पर लिखी योजना नहीं है; यह एक गारंटी है जिसे हम सीधे लोगों तक, एक-एक परिवार तक पहुंचा रहे हैं।"

पंजाब भर में मुख्यमंत्री सेहत योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 50,000 निवासी पंजीकरण करा रहे हैं और 35 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। लुधियाना, पटियाला और जालंधर जैसे जिले बड़े पैमाने पर पंजीकरण कराने में अग्रणी बने हुए हैं, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।

नामांकन के अलावा, यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्रदान कर रही है। अब तक 300 करोड़ रुपये के दो लाख से अधिक उपचार किए जा चुके हैं, जिनमें हृदय रोग, डायलिसिस, अस्थि रोग, कैंसर उपचार और आपातकालीन हस्तक्षेप सहित 40,000 से अधिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं। इस योजना के विस्तार के लिए पंजाब के 2026-27 के बजट में 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

शिविरों, केंद्रों और घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के प्रयासों के साथ, सरकार निवासियों को सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण कराने और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस उपचार लाभ प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना जारी रखे हुए है।

--आईएएनएस

 

 

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