पोषण पखवाड़ा 2026 : टॉप 5 में गुजरात, 73 लाख से अधिक गतिविधियां

गांधीनगर, 5 मई (आईएएनएस)। गुजरात ने 'पोषण पखवाड़े' के 8वें संस्करण में देश में चौथा स्थान हासिल किया है। 9 से 23 अप्रैल तक चले इस अभियान के दौरान पूरे देश में हुई कुल गतिविधियों में गुजरात का योगदान 10 प्रतिशत से ज्‍यादा रहा।

आंकड़ों के मुताबिक, पखवाड़े भर चलने वाली पहल के दौरान पूरे राज्य में पोषण से जुड़ी 73.14 लाख गतिविधियां की गईं। राष्ट्रीय स्तर पर, गुजरात का हिस्सा कुल रिपोर्ट की गई गतिविधियों का 10.77 प्रतिशत रहा, जिससे यह 'राष्ट्रीय पोषण मिशन' के कार्यान्वयन में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया।

यह अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में चलाया गया और महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मनीषा वकील की देखरेख में पूरा हुआ। अकेले महिला एवं बाल विकास विभाग ने ही 33.91 लाख गतिविधियां कीं, जो राज्य की कुल गतिविधियों का 46.36 प्रतिशत है।

इसके साथ ही, स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायत सहित 18 से ज्‍यादा विभागों ने विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर पहुंच बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया। पोषण पखवाड़े के 2026 संस्करण का मुख्य विषय था, जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना।

यह पहल इस आधार पर थी कि किसी भी बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह साल की उम्र तक हो जाता है। इसलिए, इसमें पोषण के साथ-साथ संज्ञानात्मक विकास पर ज्‍यादा जोर देते हुए बचपन की शुरुआती देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस अभियान को पांच मुख्य स्तंभों पर आधारित किया गया था। इनमें गर्भवती महिलाओं के पोषण में सुधार, स्तनपान की प्रथाओं को मजबूत करना और शिशुओं के लिए उचित पूरक आहार सुनिश्चित करना शामिल था।

इस कार्यक्रम ने देखभाल करने वालों और बच्चों के बीच बातचीत, खेल और भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से शुरुआती संज्ञानात्मक विकास को भी बढ़ावा दिया।

एक और मुख्य क्षेत्र था आंगनवाड़ियों में खेल-आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा के लिए तैयार करना।

इसके अलावा, इस अभियान ने बच्चों में स्क्रीन टाइम बढ़ने की चिंताओं को भी दूर करने का प्रयास किया, जिसके लिए बच्चों को स्क्रीन का कम इस्तेमाल करने और रोजाना सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

अंतिम घटक में जनभागीदारी और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहलों के माध्यम से आंगनवाड़ी के बुनियादी ढांचे और सेवाओं में सुधार करना शामिल था।

जमीनी स्तर पर, राज्य की सभी ग्राम पंचायतों ने पोषण और शुरुआती बचपन की देखभाल के बारे में जानकारी फैलाने के लिए पोषण पंचायतें, क्विज, पोस्टर प्रतियोगिताएं और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

अधिकारियों ने बताया कि इन गतिविधियों का पैमाना और तालमेल, राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में कई विभागों की भागीदारी और समुदाय की सक्रियता को दर्शाता है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

Related posts

Loading...

More from author

Loading...