पीरियड्स में पेट की ऐंठन और सूजन को दूर करने में कारगर यह 'चाय'

नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। पीरियड्स के दौरान कई महिलाएं पेट की ऐंठन, सूजन, गैस और भारीपन की शिकायत करती हैं। ऐसी स्थिति में एक चाय है, जो इससे राहत देने में बेहतरीन घरेलू उपाय साबित हो सकती है। यह न सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि पेट की परेशानियों को शांत करने में बेहद कारगर भी है।

पीरियड्स के दौरान होने वाली पेट की ऐंठन और सूजन हो या ऑफिस की थकान इन समस्याओं से तुरंत राहत दिलाने में सौंफ की चाय बेहद कारगर साबित होती है। यह स्वादिष्ट और सेहतमंद चाय न सिर्फ पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, बल्कि महिलाओं को आराम भी पहुंचाती है। सौंफ के सूखे बीजों से तैयार की जाने वाली यह चाय मुलेठी जैसा हल्का मीठा स्वाद देती है।

सौंफ पाचन का प्राकृतिक सहायक मानी जाती है। इसमें मौजूद विशेष तत्व गैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना) और पेट की ऐंठन को कम करते हैं। खासकर पीरियड्स के समय महिलाओं को जो पेट में दर्द, सूजन और भारीपन महसूस होता है, उसमें सौंफ की चाय पीने से काफी आराम मिलता है। यह पाचन क्रिया को सुचारू रखती है और आंतों को शांत करती है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण होते हैं। यह पित्त दोष को संतुलित करती है, सूजन घटाती है और शरीर से अतिरिक्त पानी निकालने में मदद करती है। नियमित सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं जैसे अपच, कब्ज और गैस में स्थायी सुधार आता है। साथ ही थकान कम होती है और मन तरोताजा रहता है।

सौंफ की चाय के सेवन से अन्य फायदे भी मिलते हैं जैसे हार्मोन बैलेंस में सहायक, वजन नियंत्रण में मददगार, त्वचा की चमक बढ़ाती है और सांस की तकलीफ में भी राहत देती है।

सौंफ की चाय बनाने का तरीका भी आसान है। इसके लिए एक कप पानी में एक चम्मच सौंफ के बीज डालकर 5 से 10 मिनट तक उबालें। फिर छानकर गर्म-गर्म पीएं। स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा शहद मिला सकते हैं। भोजन के बाद या जब भी पेट में असहजता हो, इसे पीना सबसे अच्छा होता है।

सौंफ की चाय एक सस्ता, आसान और प्रभावी घरेलू उपाय है। पीरियड्स के दौरान या रोजाना एक-दो कप इस चाय का सेवन करके पेट की कई परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। हालांकि, सावधानियां भी जरूरी है। सौंफ की चाय सामान्य मात्रा में पीना सुरक्षित है, लेकिन अधिक मात्रा से बचें। गर्भवती महिलाएं इसे पीने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अगर कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही नियमित रूप से लें।

--आईएएनएस

एमटी/वीसी

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