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इस्लामाबाद, 7 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बेगम बुशरा बीबी को बुधवार रात गुप्त तरीके से अस्पताल ले जाने और फिर वापस जेल भेजने की खबरों पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी है और यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का संकेत देता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद बुशरा बीबी को कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल ले जाया गया था। बताया गया कि यह उनकी आंख की जांच और फॉलो-अप उपचार के लिए था। पिछले महीने उनकी दाहिनी आंख में रेटिना डिटैचमेंट की समस्या के चलते सर्जरी कराई गई थी।
पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन के अनुसार, पीटीआई ने सवाल उठाया कि यदि उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई थी कि आधी रात को अस्पताल ले जाना पड़ा, तो सरकार और जेल प्रशासन जनता को इसकी जानकारी क्यों नहीं दे रहे हैं। पार्टी ने पूछा कि उन्हें किस अस्पताल में ले जाया गया, कौन से परीक्षण किए गए और किन डॉक्टरों ने जांच की।
पार्टी का कहना है कि बुशरा बीबी पिछले कई महीनों से एकांत कारावास, मानसिक दबाव और अमानवीय व्यवहार का सामना कर रही हैं। पीटीआई ने आरोप लगाया कि उनके निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही और परिवार से मुलाकात में भी बाधाएं डाली जा रही हैं।
पीटीआई ने मांग की कि बुशरा बीबी की स्वास्थ्य स्थिति पर स्वतंत्र और पारदर्शी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही उनके निजी चिकित्सकों को तत्काल पहुंच देने और परिवार से मुलाकात की अनुमति देने की भी मांग की गई है। पार्टी ने उन्हें तुरंत शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में स्थानांतरित करने की मांग की।
पार्टी अध्यक्ष गौहर अली खान ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि बुशरा बीबी को “आई लेजर ट्रीटमेंट” के लिए अस्पताल ले जाया गया था और बाद में वापस जेल भेज दिया गया। चेतावनी दी कि यदि बुशरा बीबी की सेहत को कोई भी नुकसान पहुंचता है तो इसकी पूरी राजनीतिक, नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी सरकार और जेल प्रशासन की होगी।
--आईएएनएस
केआर/