ओम बिरला ने कोटा मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले की समीक्षा की

जयपुर, 12 मई (आईएएनएस)। कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की मौत को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कोटा के सीएडी सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक में चिकित्सा विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौर, कोटा संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल, जिला कलेक्टर पीयूष समरिया, और मेडिकल कॉलेज अस्पताल तथा जे.के. लोन अस्पताल सहित कई अस्पतालों के अधीक्षक और चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान बिरला ने घटनाक्रम के बारे में विस्तृत तथ्यात्मक जानकारी मांगी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जयपुर से भेजी गई जांच टीम के निष्कर्षों का भी आकलन किया और अब तक शुरू किए गए सुधारात्मक उपायों की समीक्षा की।

गर्भवती महिलाओं की मृत्यु को "अत्यंत संवेदनशील मामला" बताते हुए बिरला ने कहा कि चिकित्सा देखभाल में लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल तैयार करने का निर्देश दिया।

बिरला ने घोषणा की कि दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) और अन्य केंद्रीय चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों का एक दल जल्द ही कोटा-बूंदी क्षेत्र के अस्पतालों का दौरा करेगा।

विशेषज्ञों का यह पैनल ऑपरेशन थिएटरों में संक्रमण के कारणों की जांच, ऑपरेशन प्रक्रियाओं का निरीक्षण और अस्पताल के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन प्रणालियों का आकलन करेगा। इसके बाद टीम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसटीसी) की सिफारिश करेगी।

उन्होंने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों को सर्जरी के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने का निर्देश भी दिया।

लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा संभागीय आयुक्त को अपने नेतृत्व में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया, जो जिले के सभी सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण करेगी। समिति चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता, स्वच्छता प्रणालियों, नर्सिंग देखभाल, आपातकालीन सेवाओं और समग्र अस्पताल प्रबंधन का आकलन करेगी।

यह कमियों को दूर करने और स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार के लिए एक रोडमैप भी तैयार करेगी। बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी अस्पतालों में जनता का विश्वास बनाए रखना सर्वोपरि है।

लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को अस्पताल स्वच्छता प्रणालियों को मजबूत करने, नर्सिंग और आपातकालीन सेवाओं में सुधार करने और रोगी देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया। मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए।

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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