मुंबई: एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए बने वन स्टॉप सेंटर का दौरा किया

मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने शनिवार को मुंबई के केईएम अस्पताल का दौरा किया और हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए संचालित सरकारी वन स्टॉप सेंटर के कामकाज की समीक्षा की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

दौरे के दौरान राहटकर ने कर्मचारियों से बातचीत की और सेंटर की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए।

सोशल मीडिया पर एक संदेश में एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने कहा कि मैंने मुंबई के परेल स्थित केईएम अस्पताल परिसर में संचालित वन स्टॉप सेंटर का दौरा किया। मेडिकल रूम, काउंसलिंग रूम, अस्थायी आश्रय सुविधा और सेंटर के समग्र सुखद वातावरण को देखकर संतोष हुआ।

मेडिकल जांच कक्ष और अन्य सुविधाओं का दौरा करने के बाद रहाटकर ने कहा कि सेंटर के कामकाज की समीक्षा करते हुए, कुछ आवश्यक कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को उचित सुझाव भी दिए गए।

वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) का उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों पर, परिवार, समुदाय और कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करना है। शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक शोषण का सामना करने वाली महिलाओं को, उनकी उम्र, वर्ग, जाति, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति, नस्ल और संस्कृति की परवाह किए बिना, इन सरकारी वित्त पोषित केंद्रों में सहायता और निवारण की सुविधा प्रदान की जाती है।

रहाटकर का केईएम अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर का दौरा उनके उस निर्णय के ठीक बाद हुआ है जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार को दुष्कर्म, गंभीर यौन उत्पीड़न और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में दोषी व्यक्तियों के लिए पैरोल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।

शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आयोग द्वारा प्रस्तावित सिफारिशों में दुष्कर्म, गंभीर यौन उत्पीड़न, बार-बार यौन अपराध और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पीओसीएसओ) अधिनियम के तहत गंभीर अपराधों को पैरोल या जेल से अस्थायी रिहाई के लिए अपात्र श्रेणियों के रूप में वर्गीकृत करने के लिए जेल और पैरोल नियमों में संशोधन शामिल हो सकते हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

Related posts

Loading...

More from author

Loading...