गर्मियों में आयुर्वेद की इन जड़ी-बूटियों से मिलेगा चेहरे को निखार, दाग-धब्बे भी होंगे कम

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों के साथ शरीर और त्वचा दोनों की देखभाल करना जरूरी हो जाता है। जहां सर्दी में स्किन का ज्यादा ख्याल नहीं रखना पड़ता है, वहीं गर्मियों में त्वचा को कई चीजों से बचाना होता है।

तेज धूप और पसीने की वजह से त्वचा मुरझा जाती है और चेहरे पर मुहांसे और एक्ने भी परेशान करने लगते हैं। ऐसे में आयुर्वेद में कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है, जिनके इस्तेमाल से त्वचा निखर उठती है। पहला है नीम। नीम एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी है, जिसके इस्तेमाल से रक्त की शुद्धि और चेहरे का निखार वापस पाया जा सकता है। अगर गर्मियों में पिंपल और एक्ने की समस्या परेशान कर रही है, तो नीम के पत्तों को मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर लगाया जा सकता है।

दूसरा है मंजिष्ठा। मंजिष्ठा को भी आयुर्वेद में रक्त को शुद्ध करने वाली जड़ी बूटी माना जाता है। चेहरे के टोन को सही करने के लिए मंजिष्ठा का सेवन किया जा सकता है। इसके साथ ही मंजिष्ठा का इस्तेमाल फेस-पैक के रूप में भी किया जा सकता है।

तीसरा है हल्दी। हल्दी सभी के घरों में आसानी से मिल जाती है और इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो चेहरे की सुंदरता को निखारने और दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाने में भी मदद करती है। इसके लिए मुल्तानी मिट्टी और चंदन के साथ चुटकी भर हल्दी मिलाकर लगा सकते हैं। यह चेहरे को ठंडक देने का काम भी करेगा।

चौथा है चंदन। चंदन में शीतलता के गुण होते हैं, जो गर्मियों में त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं और गर्मी में त्वचा पर पड़ने वाली धूप के साइड इफेक्ट्स को भी कम करते हैं।

पांचवा और आखिरी है, मुलेठी। मुलेठी सिर्फ सर्दी-जुकाम और खांसी को कम करने में ही कारगर नहीं है, बल्कि इसका त्वचा संबंधित रोगों में भी सदियों से इस्तेमाल होता आया है। इसके लेपन से डार्क स्पॉट कम होते हैं और टेनिंग से भी छुटकारा मिलता है। अगर आप गर्मियों में इन फेस पैक्स का इस्तेमाल करते हैं, तो चेहरे से जुड़ी हर तरह की परेशानी से निजात पाया जा सकता है।

--आईएएनएस

पीएस/एबीएम

Related posts

Loading...

More from author

Loading...