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नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। मौसम के बदलाव का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ता है। गर्मी से ठंड या ठंड से गर्मी की ओर बढ़ते मौसम में बच्चे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि क्या करें और क्या नहीं? वे कुछ छोटी-छोटी सावधानियों को बरतने की सलाह देते हैं, जिससे मौसम के परिवर्तन के बीच भी बच्चे हेल्दी बने रहेंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) परिजनों को आगाह करते हुए सलाह देता है कि वे इस समय बच्चों को बाहर का खाना खिलाने से बचें। यह उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बदलते मौसम में वायरल संक्रमण, पेट की समस्या, सर्दी-खांसी और बुखार जैसी शिकायतें आम हो जाती हैं। बाहर के खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल, मसाले और पानी अक्सर साफ नहीं होते। इससे बच्चे को फूड पॉइजनिंग या पेट संबंधी संक्रमण हो सकता है। इसलिए जितना हो सके बच्चों को बाहर का जंक फूड, चाट, समोसे या कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रखें।
बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए एनएचएम कुछ सावधानियों को बरतने की सलाह देता है, जैसे बाहर का खाना सीमित करें व घर का बना ताजा और पौष्टिक भोजन ही बच्चों को दें।
मौसम के अनुसार, हल्का और पचने वाला खाना बनाएं। मौसम चाहे गर्म हो या ठंडा, बच्चों को बार-बार पर्याप्त पानी पिलाएं। बाजार के बोतल बंद कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय घर पर बने छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी या हर्बल टी जैसे तरल पदार्थ दें।
बच्चों को मौसम के अनुसार, कपड़े पहनाएं, न तो बच्चे ज्यादा गर्म कपड़ों में पसीने से तर हों और न ही ठंड में कांपें। हल्के, सूती और आरामदायक कपड़े चुनें। ठंड और संक्रमण से बचाव करें। इसके लिए रात में हल्की ठंड लगने पर बच्चों को हल्का स्वेटर या शॉल जरूर ओढ़ाएं। हाथ धोने की आदत डालें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ले जाते समय सावधानी बरतें।
एनएचएम के अनुसार, छोटी-छोटी सावधानियां बच्चों को मौसम बदलने के दौरान स्वस्थ रखने में बहुत मदद करती हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों की थाली, पानी और कपड़ों पर खास ध्यान दें। अगर बच्चे में बुखार, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इसलिए सही खान-पान, स्वच्छता और उचित कपड़ों के साथ-साथ उन्हें अच्छी नींद भी जरूर दिलाएं।
--आईएएनएस
एमटी/एबीएम