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बंगाल में मोदी पर ही आस

बंगाल में मोदी पर ही आस
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बंगाल: अगले एक माह के बाद बंगाल में नई विधानसभा आकार ले लेगी लेकिन उसमें किस दल को किधर बैठना होगा इसको लेकर जबर्दस्त अटकलें लग रही हैं। ताजा सर्वें तो यह कह रहे हैं कि टीएमसी से इतने लोगों के पलायन के बावजूद अभी भी सत्ता का गणित ममता के ही पक्ष में झुका हुआ दिखाई देता है। इसी कारण भाजपा यहां अपने पैर बड़े ही सधे हुए तरीके से चलना चाह रही है। ममता का विकल्प देने के लिए भाजपा के पास कोई अपना मजबूत चेहरा नहीं है जिसे सीएम प्रोजेक्ट कर उसका लाभ वह ले सके। टीएमसी से आए मिथुन चक्रवर्ती, शुभेंदु अधिकारी जैसे कुछ चेहरे अवश्य हैं लेकिन फिलहाल वह इनमें से किसी पर विश्वास करने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए उसने पूरी आस प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर ही लगा रखी है। गत दिनों मोदी की सफल रैली से उसका मनोबल बढ़ा है। इसीलिए वह इतने सधे तरीके से मोदी की रैलियों का इंतजाम कर रहे हैं कि किसी को भाजपा में नेतृत्व की कमी का असर नजर न आए।

रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता

एक समय भारत अधिकांश रक्षा उपकरणों का आयात करता था, लेकिन अब वह रक्षा क्षेत्र में निर्यातक की बड़ी भूमिका में आ गया है। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने आर्टिलरी गन, स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, टैंकों और मिसाइलों, विस्फोटक, टैंकरोधी खानों और अन्य रक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए अपनी मंजूरी दे दी। सरकार द्वारा कुल मिलाकर एक सौ छप्पन रक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए यह मंजूरी दी गई है, ताकि मित्र देशों में भारतीय हथियारों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।

महाराष्ट्र में कोरोना केस बढ़ना जारी

देश में कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों का फिर से बढ़ना जारी है जबकि केरल में मामले लगातार घट रहे हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों में 7709 की बढ़ोतरी हुई है जिसके बाद यह संख्या 1,27,480 हो गई है। इस अवधि में केरल में कोरोना के सक्रिय मामले 1461 घटकर 29777 रह गये हैं। इस दौरान महाराष्ट्र और केरल में इस महामारी से निजात पाने वालों की संख्या सर्वाधिक 8861 और 8861 रही। इस वायरस से सबसे अधिक स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या के मामले में महाराष्ट्र पहले और केरल दूसरे स्थान पर है। इन बढ़ रहे मामलों ने केंद्र सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। पीएम मोदी ने इसीलिए बुधवार को मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है जिसमें कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी और इससे लड़ने की नई रणनीति पर विचार किया जाएगा।

यूरोप में वैक्सीन की कमी

अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा कोरोना टीके की बेतहाशा खरीद के चलते यूरोपीय संघ और आॅस्ट्रेलिया में टीकों की कमी हो गई है। यहां तक कि स्पेन ने रियल मैड्रिड में टीकाकरण अभियान को दो हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पूरे यूरोप में टीके की कमी महसूस की जा रही है। यूरोपीय आयोग ने कहा कि संघ के सदस्य देशों के लिए कई कंपनियों से 2.30 अरब खुराक का करार किया था, लेकिन कंपनियों द्वारा कुछ समझौते की वजह से टीकों की आपूर्ति में कमी आ गई है। इसके अलावा कुछ समझौते अमेरिका और ब्रिटेन ने भी कर रखे हैं। इस वजह से इन दोनों देशों की आपूर्ति लगातार जारी है। वहीं अन्य देशों को टीके की कमी का सामना करना पड़ रहा है। आयोग ने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन ने जरूरत से ज्यादा खुराकें खरीद ली हैं। इस वजह से आयोग ने दोनों देशों को आड़े हाथों लिया है। वहीं, कैटालोनिया के एक क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी जोसेप मारिया अरगिमन ने टीके की कमी पर चुटकी ली है।

Updated : 17 March 2021 5:46 AM GMT
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