लखनऊ: लखनऊ में यूपी नलकूप विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) शैलेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ जहरीला केक खाकर आत्महत्या कर ली है। सुसाइड के दौरान मृतक जेई शैलेंद्र ने घर में केक काटा था और सबको केक खिलाया था। यही नहीं केक खिलाते समय जेई शैलेंद्र कुमार ने कहा था, 'अब हम सबको अगला जन्मदिन मुबारक हो। 'पिछले दिनों ही लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र में रहने वाले शैलेंद्र कुमार ने अपने परिवार के साथ जहर खा के आत्महत्या कर ली थी। शैलेंद्र कुमार नलकूप विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात थे। पड़ोसी लव कुश के मुताबिक, जहर खाने के बाद जैसे ही हम लोगों को पता लगा हम दरवाजा कूदकर अंदर गए तो देखा कि सब तड़प रहे हैं।

लवकुश ने कहा कि सभी घर की गैलरी में जमीन पर पड़े तड़प रहे थे, जब हमने उनको उठा कर अस्पताल ले जाने लगे तो तड़पते हुए मना करने लगे, नहीं जाना अस्पताल छोड़ दो-छोड़ दो, जिसको सुनकर हम सभी लोग चौंक गए कि आखिर क्यों अस्पताल नहीं जाना चाहते हैं, हालांकि हम अस्पताल लेकर फिर भी पहुंचे लेकिन वहां पर उनकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, मृतक जेई शैलेंद्र कुमार ने मौत से पहले केक मंगाया था और उसको बकायदा काटा गया था। काटने के दौरान उसमें सल्फास मिला दी गई थी, जिसको खाते हुए मृतक जेई शैलेंद्र ने कहा था कि हम सभी को अगला जन्मदिन मुबारक हो। केक खा कर तीनों की तड़प-तड़प कर जान चली गई।

मृतक शैलेंद्र ने अपने फोन से अपने ऑफिस के किसी व्यक्ति को फोन किया था और यह कहा था कि अब जी नहीं पाएंगे हम और केक मंगाकर जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। जब तक ऑफिस के व्यक्ति समझ पाता, तब तक उसने 112 पर फोन करके पुलिस को भेजा लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी। जहर खाने के बाद तीनों तड़पते हुए लोगों को जब गाड़ी नहीं मिली तो पड़ोस में रहने वाली सीमा ने अपनी गाड़ी में तीनों को डाला लेकिन गाड़ी में भी वह चिल्लाते रहे कि मुझे नहीं जाना अस्पताल। इसके बाद घबराकर सीमा ने गाड़ी छोड़ दी हालांकि उसके बाद पुलिस आरक्षक ने गाड़ी चला कर अस्पताल तक पहुंचाया।



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