दुबई: वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर एक विशालकाय ऑरोरा को देखा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। ऑरोरा, वातावरण में नजर आने वाली रंग-बिरंगी रोशनियों को कीड़े जैसी आकृति का बताया गया है, जो ग्रह में हजारों किमी तक फैली हुई थी। मंगल के अंधेरे आसमान में इसके विशाल घुमावदार रूप का वर्णन करने के लिए इसे 'सिनियस डिस्क्रीट ऑरोरा' नाम दिया गया है। इस अद्भुत नजारे को संयुक्त अरब अमीरात स्पेस एजेंसी के होप प्रोब पर लगे कैमरे ने रिकॉर्ड किया है। 

इस नई खोज के बाद वैज्ञानिकों के मन मंगल और उसके वातावरण के बारे में और अधिक नए सवाल पैदा हुए हैं। ग्रह भौतिक विज्ञानी और अमीरात मार्स मिशन के सहयोगी रॉब लिलिस ने दावा किया कि वैज्ञानिकों को होप की तस्वीरों में जो मिला उससे उनके होश उड़ गए। उन्होंने दावा किया कि टीम ने नवंबर के बाद से मंगल ग्रह पर इस तरह के कई लाइट शो देखे हैं। उन्होंने कहा कि ऑरोरा लंबे समय तक पृथ्वी पर रहस्य बनी रहीं।

लिलिस ने कहा कि लंबे समय बाद हमें समझ आया कि ये वास्तव में इलेक्ट्रॉनों की उच्च-ऊर्जा वाली धाराएं हैं जो मूल रूप से सूर्य से आती हैं जिन्हें ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र गति देता है। चाहे वह पृथ्वी हो या मंगल, ये इलेक्ट्रॉन सभी के वातावरण में प्रवेश करते हैं जिनसे ग्रह का वातावरण जगमगा उठता है। धरती पर अक्सर इस तरह का ऑरोरा दिखाई पड़ता है। 

पिछले महीने आइसलैंड से सामने आई अद्भुत तस्वीरों में बादलों से औरोरा की बारिश जैसा नजारा देखने को मिला था। औरोरा की किरणें गोआफॉस वॉटरफॉल के पास नजर आई थीं जो आइसलैंड के दूसरे सबसे बड़े शहर अकुरेयरी से 45 मिनट की दूरी पर स्थित है। उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों में कई बार वायुमंडल में मौजूद कणों के आवेशित होने के चलते आसमान में खूबसूरत रोशनी देखने को मिलती है। जब सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र से भारी मात्रा में आवेशित कण तेज गति से बाहर निकल कर पृथ्वी की चुंबकीय कक्षा में आते हैं, तो ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से प्रतिक्रिया कर लाल, हरा और बैंगनी रंग का जादुई संसार बनाते हैं।




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