नई दिल्ली: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को जमानत मिल गए है। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने रतन लाल को जमानत देते हुए कहा, " किसी व्यक्ति द्वारा महसूस की गई चोट की भावना पूरे समूह या समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकती है और आहत भावनाओं के बारे में ऐसी किसी भी शिकायत को तथ्यों के पूरे स्पेक्ट्रम पर विचार करते हुए इसके संदर्भ में देखा जाना चाहिए।" 

हालांकि, कोर्ट ने ये भी कहा कि रतन लाल को ऐसी पोस्ट से बचना चाहिए। अब जमानत के दौरान वो ना कोई पोस्ट करेंगे और न ही इंटरव्यू देंगे। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किए रतन लाल को पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया था।  

कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रोफेसaर रतनलाल की रिमांड नहीं मांगी थी। पुलिस ने कहा था कि आरोपी की न्यायिक हिरासत चाहिए। एक पढ़े लिखे आदमी से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती। ये केवल सोशल मीडिया पोस्ट नहीं था, बल्कि इसे यूट्यूब में भी डालने के लिए कहा जा रहा था। आरोपी आगे ऐसी गलती न करे, इसके लिए पुलिस उसे बिना नोटिस दिए, सीआरपीसी 41A के तहत गिरफ्तार कर सकती है।





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