नयी दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के लिए चार दिसंबर को मतदान होगा जबकि मतों की गिनती सात दिसंबर को होगी। दिल्ली के राज्य निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने शुक्रवार को तारीखों की घोषणा की।


उन्होंने कहा कि चुनाव के कारण राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार से ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।


देव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘दिल्ली में नगर निगम चुनाव के लिए मतदान चार दिसंबर को होगा, जबकि परिणम सात दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।’


उन्होंने कहा कि नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सात नवंबर से शुरू हो जाएगी और 14 नवंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी जबकि 19 नवंबर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे।


उम्मीदवार दिन में 11 से 3 बजे के बीच अपना नामांकन जमा कर सकते हैं वहीं मतदान के लिए सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक का समय तय किया गया है। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 15 दिसंबर को पूरी कर ली जाएगी।


राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, आज की तारीख में, दिल्ली में मतदाताओं की कुल संख्या 1,46,73,847 है जिनमें 79,86,705 पुरुष व 66,86,081 महिलाएं और 1,061 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। दिल्ली नगर निगम में कुल 250 वार्ड हैं।


दिल्ली नगर निगम के चुनाव इसी साल अप्रैल में होने थे। दिल्ली निर्वाचन आयुक्त एस के श्रीवास्तव चुनाव के कार्यक्रम की आठ मार्च को घोषणा करने वाले थे। लेकिन तीनों नगर निकायों के एकीकरण की केंद्र की योजना के कारण चुनाव टाल दिए गए थे।


इस साल मई में केंद्र ने तीनों नगर निकायों का एकीकरण किया और जुलाई 2022 में वार्ड के परिसीमन की कवायद शुरू की गई थी।


अधिकारियों के मुताबिक सभी मतदान केंद्रों पर ईसीआईएल कंपनी द्वारा तैयार एम-2 मॉडल की ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक आदर्श मतदान केंद्र बनाया जाएगा और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एक मतदान केंद्र ऐसा होगा जिसका संचालन महिला अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।


इस बार मतदान केंद्रों की संख्या करीब 13,665 होगी जबकि 2017 में मतदान केंद्रों की संख्या 13,138 थी।


अधिकारियों के अनुसार इस चुनाव में किसी उम्मीदवार द्वारा खर्च की अधिकतम सीमा आठ लाख रुपये तय की गई है।


वर्ष 1958 में स्थापित एमसीडी को 2012 में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान तीन भागों में विभाजित किया गया था। हाल ही में तीनों नागरिक निकायों को मिलाकर फिर से एक कर दिया गया।


—भाषा 






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