श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग्स थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आतंकवादियों ने गुरुवार को बैंक में घुसकर मैनेजर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी है। विजय को हमले के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मंगलवार को ही आतंकवादियों ने कुलगाम में ही एक सरकारी स्कूल की टीचर रजनी बाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले बडगाम में तहसील परिसर में घुसकर कर्मचारी राहुल भट की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद से ही कश्मीरी पंडितों का आंदोलन चल रहा है और वे खुद की सुरक्षा तय किए जाने की मांग कर रहे हैं।

बैंक मैनेजर की हत्या होने के बाद कश्मीर घाटी में स्थानीय हिंदू अल्पसंख्यकों और प्रवासी लोगों में खौफ बढ़ गया है। इस साल की शुरुआत से ही लगातार टारगेट किलिंग के मामले सामने आ रहे हैं। बीते 5 महीनों में यह 17वां मामला है, जब इस तरह से किसी आम नागरिक या कर्मचारी की हत्या की गई है। बुधवार को ही जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हिंदुओं एवं सिखों को सुरक्षित ठिकानों पर पोस्टिंग देने की बात कही थी, लेकिन अब इस मामले ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। दरअसल बैंक के अंदर घुसकर हत्या करने से यह सवाल उठने लगा है कि आखिर प्रवासी और अल्पसंख्यक कहां सुरक्षित हैं।

पुलिस अधिकारी ने बताया, आतंकियों इलाकाई देहाती बैंक की शाखा में घुसकर मैनेजर को गोली मार दी। यह बैंक ब्रांच आरे मोहनपोरा इलाके में स्थित है। मारे गए बैंक मैनेजर राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के हैं। इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि विजय कुमार को गोलियां लगने के बाद अस्पताल ले जाया जा रहा था और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह और एलजी मनोज सिन्हा की दिल्ली में 3 जून को मीटिंग होने वाली है। इस बैठक में कश्मीर में वह टारगेट किलिंग्स की समीक्षा कर सकते हैं। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह भी शामिल हो सकते हैं।

इस हत्याकांड के बाद जम्मू संभाग में प्रदर्शन शुरू हुए हैं, लोगों का कहना है कि सरकार को कुछ उपाय करना होगा। यही नहीं उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षित पोस्टिंग की बात कर रही है, लेकिन कश्मीर में कोई भी स्थान हम लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है। जम्मू में सरकारी कर्मचारी सड़कों पर उतरकर मांग कर रहे हैं कि उन्हें उनके जिले में ही पोस्टिंग दी जाए। 



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