मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि गंभीर दूरगामी प्रभाव वाली दो अप्रत्याशित घटनाओं और कई झटकों के बाद भी देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में स्थिरता का ‘प्रतीक’ बनी हुई है।


दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘व्यापक स्तर पर उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था आज दुनिया में वृहत आर्थिक तथा वित्तीय स्थिरता का ‘प्रतीक’ है।


हालांकि, दास ने यह नहीं बताया कि दो अप्रत्याशित घटनाएं क्या हैं।


हाल के समय में कोरोना वायरस महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को व्यापक स्तर पर प्रभावित किया है।


मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने खुदरा महंगाई को काबू में लाने के लिये नीतिगत दर रेपो को 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत किया है। साथ ही समिति ने आने वाले समय में मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अनुसार काबू में लाने के साथ आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के इरादे से नरम नीतिगत रुख को वापस लेने पर ध्यान देने का भी फैसला किया है।’’


दास ने कहा कि मुद्रास्फीति उच्चतम स्तर को छू चुकी है और अब नीचे आएगी। लेकिन अभी यह अस्वीकार्य रूप से काफी ऊंचे स्तर पर है।


उन्होंने यह भी कहा कि देश का चालू खाते का घाटा प्रबंधन योग्य होगा और केंद्रीय बैंक के पास इस अंतर को पाटने की पूरी क्षमता है।

—भाषा




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