-रूसी राष्ट्रपति पुतिन के प्रति दृढ़ समर्थन जताया

बीजिंग: चीन के शीर्ष पद पर शी जिनपिंग ने हैट्रिक लगाते हुए तीसरी बार राष्ट्रपति पद पर कब्जा कर लिया है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की अहम बैठक ‘कांग्रेस’ के बाद रूस के प्रति अपनी रणनीति में बदलाव की संभावना की खबरों को खारिज करते हुए चीन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति अपना दृढ समर्थन दोहराया है। सीपीसी की इसी कांग्रेस ने 5 साल के रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल को लेकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर मुहर लगाई थी। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को रूस के अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव से टेलीफोन पर बातचीत की।

वांग सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे प्रभावशाली निकाय 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के लिए निर्वाचित हुए हैं और वह विदेशी नीति मामलों पर शी के शीर्ष अधिकारी के रूप में उभरकर सामने आये हैं। वह अगले साल मार्च में अपना नया पदभार ग्रहण करेंगे। पार्टी कांग्रेस के बाद वांग ने रूस को चीन द्वारा निरंतर दिए जा रहे महत्व को प्रमुखता से प्रकट करने के लिए सबसे पहले लावरोव को फोन किया। सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ के अनुसार वांग ने कहा, ‘चीन सभी स्तरों पर विनिमय को गहरा बनाने तथा सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध एवं सहयोग को नई ऊंचाई तक ले जाने को इच्छुक है।’ लावरोव से बातचीत के दौरान वांग ने कहा कि चीन भविष्य में रूस का दृढतापूर्वक समर्थन करता रहेगा ताकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में रूसी जनता कठिनाइयों से बाहर आए, सभी बाधाएं दूर करें तथा अपने विकास रणनीति लक्ष्यों को अमलीजामा पहनाएं एवं वैश्विक पटल पर एक ताकत के रूप में रूस के दर्जे को और मजबूत कर पाएं।

सोमवार को समाप्त हुई कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस में शी को पांच साल के कार्यकाल के लिए रविवार को रिकॉर्ड तीसरी बार ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना’ का महासचिव चुना गया। पार्टी संस्थापक माओ त्से तुंग के बाद वह ऐसे पहले चीनी नेता हैं, जो इस पद पर तीसरे कार्यकाल के लिए चुने गए हैं। माओ को छोड़कर शी से पहले देश के सभी राष्ट्रपतियों ने लगभग तीन दशक तक 10 साल के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त होने के नियम का पालन किया। माओ के बराबर समझे जाने वाले शी जिनपिंग के बारे में संभावना है कि वह मुत्युपर्यंत सत्ता में रहेंगे। ऐसी अटकलें थी कि यूक्रेन में अपनी लड़ाई में पुतिन को मिले झटकों के आलोक में शी कांग्रेस के बाद उनके प्रति पूर्ण समर्थन के रुख में कुछ बदलाव कर सकते हैं। दरअसल पुतिन ने पिछले महीने समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन के मौके पर भेंट के दौरान शी से कहा था कि वह चीन के ‘प्रश्नों एवं चिंताओं’ को समझते हैं। पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर समेत कई चीन विशेषज्ञों का कहना था कि शी जिनपिंग नयी हकीकतों के आलोक में पुतिन के पूर्ण समर्थन के रुख में कमी ला सकते हैं।





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