अमृतसर: पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े 2 शूटर मनप्रीत सिंह मनु और जगरूप सिंह रूपा का पंजाब पुलिस ने 5 घंटे के एनकाउंटर के बाद अंत कर दिया। ये दोनों अटारी के पास भकना गांव में एक सुनसान कोठी में छिपे थे। सुबह करीब 11 बजे शुरू मुठभेड़ में दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चली। शाम करीब 4 बजे एनकाउंटर समाप्त हुआ।


मुठभेड़ के बाद लोग घरों से निकलकर गांव में एकत्र होने शुरू हो गए। उधर, डीजीपी गौरव यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मनप्रीत सिंह मनु और जगरूप सिंह रूपा के एनकाउंटर में मारे जाने की पुष्टि की। पुलिस ने मौके से एके-47 और पिस्तौल बरामद की है।


गैंगस्टरों के पास एके-47 जैसे आधुनिक हथियार थे, जिनकी मदद से वे लगातार पुलिस को चुनौती देते रहे। एनकाउंटर में तीन पुलिस वाले घायल हुए हैं। एक निजी चैनल के पत्रकार को टांग में गोली लगी है, उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। 


इससे पहले दोनों तरफ से लगभग 100 राउंड गोलियां चली। पुलिस के कमांडो लगातार हवेली के भीतर घुसने का प्रयास करते रहे लेकिन जैसे ही वह आगे बढ़ते, गैंगस्टर फायरिंग शुरू कर देते। इसके बाद पुलिस की 2 गाड़ियां हथियार लेकर हवेली की तरफ पहुंची। मौके पर बख्तबंद वाहन भी बुलाए गए, हालांकि एक की एंबुलेंस से टक्कर हो गई।


पाकिस्तानी सीमा के पास सुनसान इलाके में बनी एक पुरानी हवेली में गैंगस्टर मनप्रीत सिंह मनु और जगरूप सिंह उर्फ रूपा खुद को छिपाए बैठे थे। उनके पास एके-47 सहित भारी मात्रा में हथियार थे। इस कारण बुलेट प्रूफ गाड़ियां भी मंगवाई गईं और एनकाउंटर इतनी देर तक चला। 


मनप्रीत और रूपा दोनों सिद्धू मूसेवाला को मारने वाले उन तीन शूटरों में शामिल थे, जिन्हें एक वीडियो फुटेज में पिछले दिनों मोगा में घूमते देखा गया था। 


अमृतसर में पाकिस्तानी सीमा से सटे अटारी के पास पुलिस और गैंगस्टरों में 5 घंटे से मुठभेड़ चली। पुलिस ने बुलेटप्रूफ गाड़ियों का प्रयोग किया।


इससे पहले, अमृतसर पुलिस की कई गाड़ियां भारत-पाक सीमा की तरफ एनकाउंटर साइट पर बैकअप टीम के तौर पहुंची। बता दें कि मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली है। उसने पिछले दिनों आडियो जारी करके कहा था कि उन्हें सिद्धू मूसेवाला की जान लेने का कोई अफसोस नहीं है। 




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