नई दिल्ली: अदालत ने कहा था कि जमानत पर रिहा होने के बाद आवेदक इस तरह के किसी अपराध को अंजाम ना दे और मामले से संबंधित किसी भी विषय पर मीडिया से बात ना करें। पुलिस ने राणा दंपति की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत में कहा था कि राणा दंपति की योजना सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश की थी। पुलिस ने दावा किया था कि राज्य में विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी और उद्धव ठाकरे के राजनीतिक विरोधी यह साबित करना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री हिंदुओं के खिलाफ हैं। अदालत ने कहा था कि जमानत पर रिहा होने के बाद आवेदक इस तरह के किसी अपराध को अंजाम ना दे और मामले से संबंधित किसी भी विषय पर मीडिया से बात ना करें। पुलिस ने राणा दंपति की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत में कहा था कि राणा दंपति की योजना सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश की थी। पुलिस ने दावा किया था कि राज्य में विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी और उद्धव ठाकरे के राजनीतिक विरोधी यह साबित करना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री हिंदुओं के खिलाफ हैं। जानकारी के अनुसार, राणा दंपति ने पिछले महीने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की थी, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था। शिव सैनिकों के प्रदर्शन के बाद इसी सिलसिले में मुंबई पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ राजद्रोह तथा अन्य आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज कर 23 अप्रैल को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाद में मुंबई की एक विशेष अदालत ने निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति एवं विधायक रवि राणा को चार मई को जमानत दे दी थी।



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