- पिछले वित्‍तवर्ष कुल चीनी निर्यात का कोटा 1.10 करोड़ टन रहा था

नई दिल्ली: सरकार ने कोटा के आधार पर 60 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति को मंजूरी दे दी। खाद्य मंत्रालय की एक अधिसूचना के मुताबिक खाद्य मंत्रालय ने अगले साल 31 मई तक 60 लाख टन चीनी के निर्यात की मंजूरी दी है। बाजार की उम्‍मीदों के मुताबिक सरकार ने 2022-23 के लिए 60 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा तय किया है। हालांकि यह कोटा चीनी उद्योग की उम्‍मीदों और पिछले साल किए गए निर्यात के मुकाबले काफी कम है। निर्यात कोटा कम रखने का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों को बढ़ने से रोकना है।भारत दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उत्‍पादक देश है और निर्यात के मामले में यह ब्राजील के बाद दूसरे नंबर आता है। इस साल ब्राजील में भी गन्‍ना उत्‍पादन कम रहा है, जिससे ग्‍लोबल मार्केट में भारतीय चीनी की मांग और बढ़ गई है। सरकार ने पहले ही संकेत दे दिया था कि घरेलू बाजार में मांग बढ़ने पर कीमतों पर लगाम लगाने के लिए इस साल निर्यात कोटा घटाया जाएगा। इसके बाद उद्योग जगत को उम्‍मीद थी सरकार कम से कम 80 से 90 लाख टन चीनी निर्यात की छूट देगी लेकिन घरेलू बाजार की मांग को देखते हुए सरकार ने 60 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा तय किया है।

सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक चीनी मिलों के पिछले तीन साल के उत्‍पादन को देखते हुए 60 लाख टन निर्यात का कोटा तय किया गया है। पिछले वित्‍तवर्ष कुल चीनी निर्यात का कोटा 1.10 करोड़ टन रहा था। यानी इस बार चीनी निर्यात के लिए सिर्फ आधा कोटा ही खोला गया है। गौरतलब है कि चीनी का वित्‍तवर्ष अक्‍तूबर से सितंबर तक चलता है। यह कोटा पहली खेप के तहत निर्धारित किया गया है। उद्योग जगत का कहना है कि पहले से ही 50 से 60 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा मिलने की उम्‍मीद थी। यह कोटा पहली खेप के लिए है, जबक‍ि अगली खेप के लिए भी 20 से 30 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा मिल सकता है। उद्योग जगत का कहना है कि देश में चीनी के रिकॉर्ड उत्‍पादन को देखते हुए सरकार अगली खेप भी जारी कर सकती है। चीनी उद्योग संगठन ईस्‍मा का कहना है कि इस साल देश में 3.65 करोड़ टन चीनी उत्‍पादन का अनुमान है, जो 1 अक्‍टूबर से शुरू हुआ है। सरकार ने भी बातचीत के दौरान पहली खेप मई तक के लिए तय की है। यानी 60 लाख टन चीनी का निर्यात मई, 2023 तक किया जाना है। इसके बाद दूसरी खेप भी तय की जा सकती है। चीनी मिलों को उम्‍मीद है कि 31 मई, 2023 से पहले ही सरकार दूसरी खेप का निर्यात कोटा भी तय कर देगी।







Related news