नयी दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार से जुड़े कथित धनशोधन के मामले में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ का विरोध करते हुए बुधवार को संसद भवन के बाहर धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।


पार्टी के ‘जी23’ समूह के दो प्रमुख सदस्य गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा भी 75 वर्षीय सोनिया गांधी के समर्थन में आज सामने आए और कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की आयु और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें पूछताछ के लिए बार-बार बुलाना उचित नहीं है।


कांग्रेस सांसदों ने ईडी की कार्रवाई का विरोध करते हुए संसद भवन से विजय चौक तक मार्च निकाला। इसके बाद वे विजय चौक पर धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।


पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘आज हमारे सांसदों को गिरफ्तार किया गया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। संसद में मोदी सरकार महंगाई पर चर्चा नहीं होने दे रही है। राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ हम आवाज उठा रहे हैं तो हमें गिरफ्तार किया गया है।’’


उन्होंने यह भी कहा, ‘‘सिर्फ भगवान, प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री जानते हैं कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। यह भारत में लोकतंत्र को कुचलने का काम चल रहा है।’’


कांग्रेस का कहना है कि पार्टी मुख्यालय से अजय माकन, सचिन पायलट, पवन कुमार बंसल और कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।


उधर, पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेशनल हेराल्ड से जुड़े कौन से कागजात हैं जिनकी कई वर्षों से जांच की जा रही है? एक समय में यह भी कहा गया था कि इस मामले में कुछ नहीं है। फिर राहुल गांधी जी से पांच दिनों तक पूछताछ क्यों की गई।’’


उन्होंने कहा, ‘‘मेरे समझ में नहीं आया कि जब मामला एक है, परिवार एक है, जब राहुल गांधी से पांच दिन कई घंटों तक पूछताछ की गई, तो फिर उसी मामले में सोनिया जी को बुलाने के लिए क्या जरूरत थी? राहुल जी जवान हैं, लेकिन सोनिया जी की उम्र काफी है, (वह) पिछले कुछ वर्षों से बीमार भी हैं। एजेंसी का दबाव तो जवान बर्दाश्त नहीं कर सकता।’’


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘आपके पास कागज है तो आपने राहुल गांधी जी से लंबी पूछताछ की, वही काफी है। पहले जंग होती थी तो बादशाह की तरफ से हिदायत होती थी कि महिला और बीमार पर हाथ नहीं उठाना। यह हमारी परंपरा रही है। ईडी को ध्यान रखना चाहिए कि सोनिया जी को बार-बार बुलाना ठीक नहीं है...सोनिया जी की सेहत के साथ खेलना अच्छा नहीं है।’’


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ‘‘इन दिनों जो स्थिति बनी हुई है, उससे पूरा देश घबराया हुआ है। जो आतंक की स्थिति बना रखी है उससे लोग घबराए हुए हैं।’’


उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और ऊपर के आदेश पर विरोधी दलों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।


पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा, ‘‘भारत संवैधानिक लोकतंत्र है, (देश में) कानून का शासन है। इसमें मौलिक अधिकारों के साथ प्रतिष्ठा और निजी स्वतंत्रता का भी सम्मान होना चाहिए। यह बहुत परेशन करने वाला चलन हो गया है कि कानून को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों को अपमानित करने के लिए यह इस्तेमाल हो रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए।’’


उन्होंने कहा, ‘‘जब राहुल गांधी जी से पूछताछ की गई है तो फिर सोनिया जी को क्यों बुलाया गया है। सोनिया जी की उम्र और सेहत का ध्यान रखा जाना चाहिए।


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ‘‘नेशनल हेराल्ड’’ अखबार से जुड़े धनशोधन के मामले में बुधवार को तीसरी बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।


सोनिया गांधी से पहले दो बार, आठ घंटों से अधिक समय तक पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें उनसे 65 से 70 सवाल पूछे गए। एजेंसी द्वारा 30-40 और सवाल पूछे जाने के साथ ही बुधवार को पूछताछ खत्म होने की संभावना है।


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ‘‘नेशनल हेराल्ड’’ अखबार से जुड़े धनशोधन के मामले में बुधवार को तीसरी बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।


सोनिया गांधी से पहले दो बार, आठ घंटों से अधिक समय तक पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें उनसे 65 से 70 सवाल पूछे गए। एजेंसी द्वारा 30-40 और सवाल पूछे जाने के साथ ही बुधवार को पूछताछ खत्म होने की संभावना है।

—भाषा



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