लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार विपक्षी दलों के नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर है। सरकार ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा गाजीपुर के जहूराबाद सीट से विधायक ओम प्रकाश राजभर को वाइ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। गृहविभाग के एडीजी सुरक्षा को भेजे गए 15 जुलाई के पत्र के बाद राजभर को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

राष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान करने के साथ ही समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ मुखर सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। एडीजी सुरक्षा विनोद कुमार सिंह ने गृह विभाग के पत्र के बाद गाजीपुर पुलिस को ओम प्रकाश राजभर को वाई श्रेणी की सुरक्षा कवर देने का निर्देश दिया है। गाजीपुर पुलिस ने ओमप्रकाश राजभर को सुरक्षा देने के साथ ही शासन को अवगत करा दिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस संबंध में शासन का आदेश आया था। जिसपर जहूराबाद विधायक ओमप्रकाश राजभर को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

सरकार के इस निर्णय से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के अटकलें तेज हो गई हैं। ओम प्रकाश राजभर गाजीपुर की जहूराबाद सीट से लगातार दूसरी बार विधानसभा सदस्य बने हैं। वह पहली बार भाजपा तथा दूसरी बार सपा के समर्थन से विधायक बने हैं। सुभासपा का सपा से गठबंधन है, लेकिन हाल के दिनों में उनके रिश्ते अखिलेश से बिगड़ गए हैं। ओमप्रकाश राजभर अक्सर अपनी टिप्पणिय़ों की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं। बीते दिनों आजमगढ़ व रामपुर लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को मिली हार के बाद उन्होंने हार का ठीकरा अखिलेश यादव और आजम खां पर फोड़ दिया था। अखिलेश यादव को नसीहत देने के साथ ही राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के प्रत्याशी को समर्थन न देकर एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में खड़े रहे। इसके बाद सपा से उनके रिश्तों में और तल्खी पैदा हो गई है। 



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