कोलंबो: आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के हालात लगातार बेकार होते जा रहे हैं। इसी बीच खबर हैं कि यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) नेता विक्रमसिंघे श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री बनाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, विक्रमसिंघे शाम 6 बजकर 30 मिनट पर प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। इसकी जानकारी रानिल विक्रमसिंघे की पार्टी यूएनपी ने साझा की है। साल 2019 में रानिल विक्रमसिंघे ने अपनी ही पार्टी के दबाव में आकर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

बता दें कि रानिल विक्रमसिंघे चार बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और वहां 5वीं बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। 70 के दशक में राजनीति में कदम रखने वाले रानिल विक्रमसिंघे ने 1993 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। बता दें कि पहली बार प्रधानमंत्री बनने से पहले रानिल विक्रमसिंघे ने उप विदेश मंत्री, युवा और रोजगार मंत्री समेत कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसके अलावा उन्हें संसद में दो बार विपक्ष का नेता चुना जा चुका है।

संकटग्रस्त श्रीलंका के प्रधानमंत्री बनने की विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा ने इच्छा जाहिर की है। इसके लिए बकायदा राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को खुला पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री का पद ग्रहण करने के लिए तैयार हैं। हालांकि राष्ट्रपति राजपक्षे ने रानिल विक्रमसिंघे से बात की थी। बीते दिनों कहा जा रहा था कि महिंदा राजपक्षे पड़ोसी देश भारत भाग गए हैं। हालांकि भारतीय उच्चायोग ने इस तरह की खबरों को फर्जी बताकर इसका खंडन किया था।




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