पेरिस: भारत और फ्रांस अच्छे सहयोगी और मित्र के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। स्वदेश रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एलिसी पैलेस में बातचीत की। एलिसी पैलेस, फ्रांस के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है, जो पेरिस में स्थित है। पीएम मोदी और मैक्रों के बीच हुई चर्चा के बारे में बताते हुए विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु सहयोग और लोगों से लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा हुई। क्वात्रा ने यह भी कहा कि भारत और फ्रांस एक दूसरे को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख साझेदार के रूप में देखते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विदेश सचिव ने यह भी जानकारी दी कि अगस्त 2019 के बाद से पीएम मोदी की फ्रांस की यह पहली यात्रा है। क्वात्रा ने कहा, ‘दोनों नेता फोन कॉल और पत्रों के माध्यम से नियमित संपर्क में रहे हैं। वे पिछले साल जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर भी मिले थे। भारत और फ्रांस मजबूत रणनीतिक साझेदार हैं। दोनों नेता अच्छे दोस्त भी हैं।’ क्वात्रा ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों को नए सिरे से जनादेश मिला है, जो कि दोनों देशों की मौजूदा ताकत और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेगा। वहीं प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर अपनी यात्रा को सार्थक बताया है।

इस मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन से मुलाकात की। वहीं चर्चा के बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी के सम्मान में रात्रिभोज का भी आयोजन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय यूरोप यात्रा के अंतिम चरण में जब पेरिस पहुंचे तो भारतीय प्रवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। जिस होटल में पीएम मोदी ठहरे थे, उसके बाहर भारतीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। कई लोगों ने प्रधानमंत्री से ऑटोग्राफ भी मांगे। पेरिस पहुंचने के बाद पीएम मोदीने एक ट्वीट में कहा कि फ्रांस, भारत के सबसे मजबूत साझेदारों में से एक है। वह हमारे देश को विविध क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। अपने ट्वीट में पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति को दोस्त कहकर संबोधित किया है और कहा कि उनसे मिलकर हमेशा खुशी होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों के यूरोपीय दौरे के समापन के बाद गुरुवार तड़के स्वदेश के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने व्यापार, ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देने के लिए कई द्विपक्षीय बैठकें कीं।



Related news