मुंबई: महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अपने बयान को लेकर घिरते दिख रहे हैं, शिवसेना, मनसे, एनसीपी और कांग्रेस के बाद बीजेपी विधायक आशीष शेलार ने भी उनके बयान से असमहति जाहिर की है। भापजा विधायक शेलार ने ट्वीट कर कहा कि राज्यपाल के बयान से हम कतई सहमत नहीं हैं। महाराष्ट्र और मुंबई मराठी लोगों की मेहनत, पसीने और शहादत के साथ खड़े हैं। ऐसा हमारा गौरवशाली इतिहास पनो पानी कहता है। किसी को भी उसे किसी भी स्थिति से नाखुश करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए!  

वहीं शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र में बीजेपी पुरस्कृत मुख्यमंत्री के काबिज होते ही स्थानीय मराठी और छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान शुरू हो गया है। स्वाभिमान और अभिमान के नाम पर बनी शिवसेना से निकलने वाले लोग यह सुनकर भी चुप बैठे हैं। राज्य के लोगों ने अपनी मेहनत से महाराष्ट्र बनाने के लिए पसीना, खून बहाया है। सीएम एकनाथ शिंदे इसकी निंदा करें राज्यपाल को हटाने की मांग करें। यह सावित्रीबाई फुले और शिवाजी का अपमान है।  

पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल के बयान को मराठी लोगों का अपमान बताया है। ठाकरे ने कहा कि राज्यपाल के बयान ने मराठी मानुषों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। मुंबई और ठाणे में निगम चुनाव होने जा रहे हैं, कोश्यारी राज्यपाल की कुर्सी पर बैठे हैं। वहां समुदायों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल ये है कि उन्हें घर कब वापस भेजा जाएगा? 

उद्धव से पहले एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने भी राज्यपाल के बयान को लेकर कड़ा विरोध जाहिर किया। उन्होंने कहा, मराठी आदमी को मूर्ख मत बनाओ!" राज ठाकरे ने राज्यपाल को सलाह दी है कि अगर महाराष्ट्र के इतिहास के बारे में नहीं जानते हैं, तब बात न करें। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, हम महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा की गई टिप्पणी की निंदा करते हैं। उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाया जाना चाहिए। एनसीपी विधायक ने कहा है कि महाराष्ट्र और मुंबई के लोग कुशल और सक्षम हैं। हम ईमानदार लोग हैं, जो चटनी से रोटी खाते हैं और दूसरों को खिलाते हैं।


महाराष्ट्र में कलह पैदा करने की हो रही साजिश : सुप्रिया सुले 

राज्यपाल कोश्यारी के बयान पर तरह-तरह के स्तर से नाराजगी भरी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने भी उनके बयान की निंदा कर राज्यपाल की कड़ी आलोचना की है। सुप्रिया सुले ने कहा है कि महाराष्ट्र में कलह पैदा करने की राज्यपाल की साजिश है। सुप्रिया ने उन्हें इस पद से हटाने की भी मांग की है। सुप्रिया सुले ने मांग की कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राज्यपाल के बयानों पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। 


राज्यपाल कोश्यारी ने बयान पर दी सफाई 

वहीं राज्यपाल कोश्यारी ने विवाद बढ़ता देख अपने बयान को वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि राजस्थानी समाज के कार्यक्रम में मैंने जो बयान दिया था, मेरा मराठी लोगों को कम आंकने का कोई इरादा नहीं था। मैंने केवल गुजराती और राजस्थानी मंडलों द्वारा व्यापार में किए गए योगदान पर बात की। मराठी लोगों ने मेहनत कर महाराष्ट्र का निर्माण किया। इसकारण आज कई मराठी उद्यमी प्रसिद्ध हैं। वे न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि देश और दुनिया में मराठी का झंडा फहरा रहे है। इसकारण मराठी लोगों के योगदान को कम करके आंकने का सवाल ही नहीं उठता। लेकिन मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।



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