लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सासंद बृजभूषण शरण सिंह ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे को अयोध्या में नहीं घुसने देने की घोषण की है। उन्होंने कहा है कि अयोध्या आने से पहले राज ठाकरे को उत्तर भारतीयों से हाथ जोड़कर माफी मांगें। इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी सलाह दी है कि जब तक राज ठाकरे माफी नहीं मांग लेते उनसे मुलाकात नहीं करनी चाहिए। सांसद ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से ठाकरे परिवार का कोई लेना देना नहीं है। राज ठाकरे 5 जून को अयोध्या में रामलला का दर्शन करने के लिए आने वाले हैं।

कैसरगंज से सांसद सिंह ने गुरुवार को एक के बाद एक ट्वीट से राज ठाकरे पर हमलाकर उत्तर भारतीयों को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की। उन्होंने ट्वीट किया, ''उत्तर भारतीयों को अपमानित करने वाले राज ठाकरे को अयोध्या की सीमा में घुसने नहीं दूंगा। अयोध्या आने से पहले सभी उत्तर भारतीयों से हाथ जोड़कर माफी मांगे राज ठाकरे।''

सांसद सिंह ने सीएम योगी को भी ठाकरे से ना मिलने की सलाह देकर लिखा, ''जब तक राज ठाकरे सार्वजनिक रूप से उत्तर भारतीयों से माफी नहीं मांग लेते मेरा आग्रह है, तब तक मुख्यमंत्री योगी जी को राज ठाकरे से नहीं मिलना चाहिए।' उन्होंने राममंदिर आंदोलन में ठाकरे परिवार की भूमिका को नकारते हुए कहा, ''राम मंदिर आन्दोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद और आमजन की ही भूमिका रही है। ठाकरे परिवार का इससे कोई लेना देना नहीं।''

भाजपा सांसद ने राज ठाकरे के खिलाफ उस समय पर मोर्चा खोला है जब मनसे प्रमुख ने हाल ही में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाने के लिए योगी सरकार की तारीफ की है। महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर विवाद को जन्म देने वाले राज ठाकरे से भाजपा की नजदीकी बढ़ने की चर्चा है। हालांकि, उत्तर भारतीयों को लेकर मनसे और राज ठाकरे का स्टैंड जगजाहिर है, इसकारण भाजपा उन्हें साथ लेने में कतराती रही है। भाजपा को आशंका है कि महाराष्ट्र में राज ठाकरे से दोस्ती का उत्तर भारत में नुकसान हो सकता है।



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