नई दिल्ली: कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में राहुल गांधी उतरेंगे या नहीं, इस पर अब सस्पेंस खत्म हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव जयराम रमेश ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए किसी को भी मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी या पार्टी नेता राहुल गांधी की अनुमति की जरूरत नहीं है। 

राहुल गांधी के चुनाव नहीं लड़ने के संकेत देने और अशोक गहलोत एवं शशि थरूर के चुनाव लड़ने की संभावना के बीच कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबला होने के आसार बढ़ गए हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव जयराम रमेश ने पार्टी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के आज के दिन, पहले और दूसरे चरण के बीच के अवकाश में मीडिया से बातचीत में कहा कि पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) के दस प्रतिनिधियों का समर्थन होने पर कोई भी चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र एवं पात्र है।

उन्होंने कहा नामांकन दाखिल करने के लिए किसी को भी कांग्रेस अध्यक्ष या राहुल गांधी की अनुमति की जरूरत नहीं है। चुनाव निष्पक्ष एवं पारदर्शी होंगे। देश में कोई भी अन्य पार्टी अपना प्रमुख चुनने के लिए चुनाव नहीं कराती। इसी के साथ जयराम रमेश ने यह भी कहा कि वह ‘कामराज मॉडल’ के अनुसार आम सहमति के आधार पर पार्टी अध्यक्ष के चयन में यकीन रखते हैं। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के कामराज के ‘दृष्टिकोण’ का समर्थन किया, जो उनके मुताबिक पार्टी के नेतृत्व के लिए ‘सभी से विचार-विमर्श करें और आम सहमति का उपयुक्त नेता चुनें’ की बात कहता है। जयराम रमेश ने कहा अगर आम सहमति बनाना संभव नहीं है तो चुनाव की जरूरत पड़ेगी। हम चुनाव कराने से भाग नहीं रहे हैं। अध्यक्ष पद के दावेदारों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि वह नहीं जानते कि कौन-कौन चुनाव लड़ेगा। जयराम ने स्पष्ट किया कि वह निश्चित तौर पर अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह नहीं जानते कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नामांकन दाखिल करेंगे या नहीं और अगर वह ऐसा करते हैं तो राज्य में क्या होगा। जयराम ने कहा कांग्रेस पार्टी में इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए एक तंत्र है। 

वायनाड से सांसद राहुल गांधी की आगामी योजनाओं से जुड़े सवाल पर जयराम ने कहा कि 23 सितंबर को यात्रा को एक दिन का विश्राम दिया जाएगा, ऐसे में अगर राहुल दिल्ली जाते हैं तो वह केवल अपनी मां से मिलने के लिए जाएंगे, जो बीमार हैं और जिन्होंने हाल ही में कुछ चिकित्सकीय जांच करवाई है। कांग्रेस महासचिव ने कहा राहुल गांधी पिछले दो-तीन हफ्तों से अपनी मां से नहीं मिल पाए हैं। वह भी एक इन्सान हैं। अगर आपकी मां बीमार हों तो क्या आप उनसे मिलने नहीं जाएंगे? उन्होंने कहा मेरे पास अभी तक जो जानकारी है, उसके मुताबिक अगर वह दिल्ली जाएंगे तो सिर्फ अपनी मां से मिलने के लिए, न कि नामांकन दाखिल करने की खातिर। 

अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वाले नेताओं के नाम को लेकर जारी अटकलों के बीच अशोक गहलोत के राहुल से मिलने के लिए बुधवार शाम केरल पहुंचने की संभावना है। अशोक गहलोत कांग्रेस के अध्यक्ष पद के शीर्ष दावेदारों में से एक और पार्टी की पसंद माने जा रहे हैं। राजस्थान की राजनीति में गहलोत के प्रतिद्वंद्वी एवं पार्टी नेता सचिन पायलट पहले से ही केरल में हैं। वह बुधवार को यात्रा के पहले चरण में राहुल के साथ शामिल हुए, जो सुबह दस बजे के आसपास एदापल्ली में रुकी थी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, अशोक गहलोत गुरुवार को भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हो सकते हैं। गहलोत को जी-23 समूह के नेता शशि थरूर से चुनौती मिल सकती है, जिन्होंने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है।  



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