मानसा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ दिन बाद शुक्रवार को उनके घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई।


मान सुबह करीब 10 बजे मूसा गांव स्थित मूसेवाला के घर पहुंचे और उनके परिवार के साथ करीब एक घंटे के समय बिताया। मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर मूसेवाला के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।


बता दें कि मानसा जिले में बीती 29 मई को अज्ञात हमलावरों ने सिद्धू मूसेवाला (28) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राज्य सरकार द्वारा मूसेवाला की सुरक्षा घटाए जाने के एक दिन बाद यह घटना हुई थी। मूसेवाला के साथ जीप में यात्रा कर रहे उनके चचेरे भाई और एक दोस्त भी हमले में घायल हो गए थे।


मान के दौरे से पहले ग्रामीणों ने मूसा गांव में प्रवेश करने से कथित तौर पर रोकने को लेकर पंजाब पुलिस के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस ने इस बात से साफ इनकार करते हुए कहा कि किसी को भी गांव में घुसने से नहीं रोका गया है।


वहीं, मान के दौरे से पहले मूसेवाला के घर पहुंचे सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक गुरप्रीत सिंह को भी विरोध का सामना करना पड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।


एक ग्रामीण ने दावा किया, "हमारे वाहनों को गांव में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। हमारे रिश्तेदारों के वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।"


इस बीच, ‘आप’ ने कांग्रेस पर मूसेवाला की हत्या को लेकर 'गंदी राजनीति' करने का आरोप लगाया।


सत्तारूढ़ पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने दावा किया कि एक पूर्व विधायक सहित कांग्रेस के कुछ नेता और समर्थक परेशानी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "पूरा पंजाब उन्हें देख रहा है।"


गायक के निधन पर शोक जताने के लिए बृहस्पतिवार को पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कुलदीप सिंह धालीवाल ने मानसा में मूसेवाला के परिवार से मुलाकात की थी।


मूसेवाला उन 424 लोगों में शामिल थे, जिनके सुरक्षा घेरे को पंजाब पुलिस ने 28 मई को या तो अस्थायी तौर पर वापस ले लिया था या फिर घटा दिया था।


पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को बृहस्पतिवार को सूचित किया गया कि उन 424 लोगों के सुरक्षा घेरे को सात जून से बहाल कर दिया जाएगा, जिनकी सुरक्षा व्यवस्था को अस्थायी तौर पर वापस लिया गया था या फिर घटाया गया था।


मालूम हो कि पंजाब सरकार ने ‘घल्लूघारा सप्ताह’ और ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ की बरसी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था घटाई थी। भारतीय सेना ने जून 1984 में स्वर्ण मंदिर परिसर से आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ चलाया था।


मान ने मूसेवाला की हत्या की जांच के लिए उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा की है।

—भाषा



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