सुरेंद्रनगर/नवसारी/जंबूसार: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री के ‘औकात बता देंगे’ वाले बयान को लेकर सोमवार को कांग्रेस पर पलटवार किया और खुद को जनता का ऐसा ‘सेवक’ बताया, जिसका किसी राज परिवार से नाता नहीं है।


उन्होंने राहुल गांधी की अगुवाई में निकाली गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के लिए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा और कहा कि जनता द्वारा खारिज किए जाने वाले सत्ता हासिल करने के लिए पैदल यात्रा पर निकले हैं।


मोदी ने लगातार तीसरे दिन चुनावी राज्य गुजरात में विभिन्न रैलियों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके नेता बहुत लंबे समय तक जनजातीय समुदाय को लेकर बेसुध रहे जबकि वे भगवान राम और भगवान कृष्ण के दिनों से देश में रह रहे हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि सूखे और अन्य समस्याओं का सामना करने वाला गुजरात देश का शीर्ष राज्य बन जाएगा लेकिन प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनकर और झूठे प्रचार व लुभावने वादों को खारिज करके ऐसा सुनिश्चित कर दिखाया।


मोदी ने सबसे पहले सुरेंद्रनगर में और उसके बाद भरूच जिले के जंबूसार और फिर नवसारी में चुनावी सभाओं को संबोधित किया। गुजरात में अगले महीने दो चरणों में मतदान होने हैं।


सुरेंद्रनगरी की रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के सबसे बड़े स्टार प्रचारक मोदी ने कहा, ‘‘कांग्रेस अब चुनाव में विकास की बात नहीं करती है। इसकी जगह कांग्रेस के नेता मुझे औकात दिखाने की बात करते हैं। उनका घमंड देखिए। निश्चित तौर पर वे एक राज परिवार से हैं जबकि मैं एक जन सेवक हूं। मेरी कोई औकात नहीं है।’’


प्रधानमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्व में उनके लिए किए गए आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल की ओर भी जनता का ध्यान दिलाया और कहा, ‘‘पहले भी कांग्रेस ने मेरे लिए ‘मौत का सौदागर’, ‘नीच आदमी’ और ‘नाली का कीड़ा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। मैं आपसे (कांग्रेस) अनुरोध करता हूं कि औकात की बात करने की जगह आप लोग विकास की बात करें।’’


मोदी ने कहा कि वह ऐसी चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं क्योंकि उनका ध्यान भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में केंद्रित है।


उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को सत्ता से बेदखल कर दिया गया है, वे अब सत्ता में आने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं।


प्रधानमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘कुछ लोग सत्ता में लौटने के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं। वे ऐसे लोगों को साथ लेकर चल रहे हैं जिन्होंने कानूनी याचिकाओं के माध्यम से नर्मदा बांध परियोजना को रोकने का काम किया और 40 वर्ष तक गुजरात को प्यासा रखा। इस चुनाव में गुजरात की जनता पदयात्रा करने वालों को सबक सिखाकर रहेगी। जनता उन्हें भी सबक सिखाएगी जिन्होंने नर्मदा परियोजना का विरोध किया था।’’


उनका इशारा नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता रही मेधा पाटकर की ओर था। पाटकर हाल में ‘भारत बचाओ यात्रा’ में शामिल हुई थीं।



मोदी ने कहा कि एक समय था जब इस क्षेत्र की जनता को पानी के संकट का सामना करना पड़ता था।


उन्होंने कहा, ‘‘उस समय मैंने यह स्थिति सुधारने का प्रण लिया था। मैंने कहा था कि नर्मदा परियोजना से अगर किसी को सबसे अधिक फायदा होगा तो वह सुरेंद्रनगर जिले को होगा। और आज मेरी बात सच साबित हुई है क्योंकि यह क्षेत्र इस परियोजना से सर्वाधिक लाभांवित हो रहा है।’’


राहुल गांधी पर एक और तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो पदयात्रा पर निकले हैं उन्हें मूंगफली और बिनौला (कपास के बीज) फसलों का फर्क नहीं पता है।


बिना किसी का नाम लिए मोदी ने कहा कि कुछ लोग गुजरात में निर्मित ‘‘नमक’’ खाकर भी गुजरात को गाली देते हैं।


उन्होंने कहा कि देश के कुल नमक उत्पादन का 80 प्रतिशत हिस्सा गुजरात में होता है लेकिन कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने कभी नमक उत्पादन करने वालों की ओर ध्यान नहीं दिया। नमक बनाने का काम करने वाले समुदाय को अगरिया कहा जाता है।


मोदी ने कहा कि 2017 के चुनाव में सुरेंद्रनगर जिले की जनता ने कुछ सीटें कांग्रेस को देकर गलती की थी क्योंकि विपक्षी विधायक ने क्षेत्र के विकास के लिए कोई काम नहीं किया।


गुजरात की 182-सदस्यीय विधानसभा के लिए राज्य में दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को मतदान होने हैं। पहले चरण के तहत 89 सीटों पर मतदान होगा।


जनजातीय बहुल भरूच जिले के जंबूसार शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आदिवासियों को लुभाने का भरपूर प्रयास किया और यह भी कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा पहनने को लेकर भी उनका मजाक उड़ाया।


उन्होंने कहा, ‘‘बहुत लंबे समय तक कांग्रेस के नेता भारत में जनजातीय समुदाय के अस्तित्व से अनजान रहे। क्या वे भारत में भगवान राम और श्रीकृष्ण के दिनों से नहीं रह रहे हैं? क्या वे 1857 के विद्रोह का हिस्सा नहीं थे? जनजातीय समुदाय ने देश के लिए इतना कुछ किया लेकिन कांग्रेस के नेता उनके अस्तित्व से अनजान थे।


मोदी ने कहा कि ऐसा नहीं होता तो अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने से पहले जनजातीय समुदाय के लिए अलग से कोई मंत्रालय क्यों नहीं था।


उन्होंने कहा, ‘‘वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान पहली बार जनजातीय समुदाय के लिए अलग से मंत्रालय बना और उनके कल्याण के लिए बजट आवंटित किया गया। यहां तक कि आज भी कांग्रेस के नेता मेरे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा पहनने का मजाक उड़ाते हैं।’’


मोदी ने कहा कि जनजातीय समुदाय को कांग्रेस से उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वे उनकी स्थिति में सुधार लाएंगे क्योंकि कांग्रेस अक्सर जनजातीय परिधानों का मजाक उड़ाती है।


उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के पिछले उम्मीदवारों ने गुजरात में आदिवासियों को उनके हाल पर छोड़ दिया था, जबकि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण और रोजगार जैसे उनके मुद्दों का समाधान किया।’’


दक्षिण गुजरात के नवसारी में मोदी ने गुजरात की विकास यात्रा का उल्लेख किया और कहा कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि सूखे और अन्य समस्याओं का सामना करने वाला गुजरात देश का शीर्ष राज्य बन जाएगा।


उन्होंने कहा कि गुजरात आज देश का शीर्ष राज्य इसलिए बन सका है कि क्योंकि यहां की जनता ने अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए भाजपा को चुना और वह भी ‘‘बगैर किसी झूठे प्रचार या लुभावने वादों के चक्कर में पड़े’’।


प्रधानमंत्री बनने से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके मोदी ने कहा, ‘‘पूर्व में लोग कहा करते थे कि गुजरात प्रगति नहीं कर सकता है क्योंकि यहां प्राकृतिक संसाधनों की कमी है और यहां तटरेखा बहुत लंबी है। एक तरफ रेगिस्तानी इलाका है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान है। वे यह भी कहा करते थे कि गुजरात में अक्सर सूखा भी पड़ता रहता है। इसके अतिरिक्त गुजरात को अक्सर साम्प्रदायिक दंगों और कर्फ्यू का भी सामना करना पड़ता था।’’


मोदी ने कहा कि नवसारी का प्रसिद्ध चीकू आज दिल्ली में बिकता है।


प्रधानमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कहा, ‘‘दिल्ली में नेताओं को नवसारी का चीकू खाते अक्सर देखा जाता है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि वे यहां का चीकू खाकर जब यहां आते हैं तो हमें ही गाली देते हैं।’’


उन्होंने गुजरात की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर मछुआरों के लिए कुछ भी नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसा इसलिए था क्योंकि ‘‘इसमें मलाई शामिल नहीं थी’’।


उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने मछुआरों के समग्र कल्याण और उनके विकास के लिए राज्य में सागर खेड़ू योजना की शुरुआत की और साथ ही उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड का फायदा भी पहुंचाया।


—भाषा 





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