नई दिल्ली: एक अमेरिकी संस्थान में काम करने वाले पश्चिम विहार निवासी 32 वर्षीय व्यक्ति में मंकीपाक्स वायरस की पुष्टि हुई है। इस शख्स ने विदेश यात्रा नहीं की थी। इनके संपर्क में आने वाले 13 लोगों को आइसोलेट कर दिया गया है। इनमें से कई लोगों के शरीर पर दाने के साथ ही उन्हें बुखार आ रहा है।

पश्चिमी जिला के मेडिकल आफिसर डा. नीरज ने बताया कि शख्स अपने तीन दोस्तों के साथ 25 जून को कार से हिमाचल गया था। वहां पर नारकंडे में रुकने के बाद 27 जून को दिल्ली वापस आ गया। चार जुलाई को उसकी तबियत खराब होने लगी। लेेकिन उसे लगा कि मौसम के कारण ऐसा हो रहा है। सात जुलाई को उसके शरीर पर दाने होने लगे और नौ जुलाई को उसे बुखार हो गया। तबियत ठीक नहीं होती देख वह 11 जुलाई को पश्चिम विहार में चिकित्सक के पास पहुंचा और अपनी परेशानी बताई।

शरीर पर लगातार बढ़ रहे दाने को देखते हुए उसने 16 जुलाई को त्वचा रोग विशेषज्ञ से दिखाया। 21 जुलाई तक भी कोई लाभ नहीं होने के बाद जिला प्रशासन को इसके बारे में सूचना दी गई। इसके बाद इसे एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके हाथ, हथेली, कमर पर दाने हो गए हैं। इस दौरान उनके संपर्क में आनेवाले डाक्टर, शख्स की पत्नी, बड़ा भाई, भाभी, माता-पिता व दोस्तों को आइसोलेट कर दिया गया है। इनपर जिला प्रशासन नजर रख रहा है।

दिल्ली में केंद्र सरकार पहले ही इस तरह की गंभीर बीमारियों को लेकर अलर्ट है। एम्स और लोक नायक जैसे अस्पतालों में इनसे निपटने के लिए तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा कि मंकीपाक्स से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार के पास पर्याप्त संसाधन है। मेडिकल की दिशा में दिल्ली सरकार ने पहले ही काफी काम किए हैं। यहां रहने वाले करोड़ों नागरिकों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जा चुकी है अब बूस्टर डोज लगवाई जा रही है। जिनको भी किसी तरह के लक्षण महसूस हो वो तुरंत अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों से संपर्क करें और दवाईयां लें। 





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