सभी को नई कैबिनेट का इंतजार 

लंदन: भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के 57वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। सुनक को ब्रिटिश महाराज चार्ल्स तृतीय ने शपथ दिलाई। शपथग्रहण के बाद सुनक ने ब्रिटिश महाराज के हाथों को चूमकर अपनी वफादारी की कसम खाई। कार्यक्रम को बकिंघम पैलेस में आयोजित किया गया है। इस मौके पर कुछ सार्वजनिक तस्वीरों के बाद महाराज चार्ल्स तृतीय और प्रधानमंत्री सुनक के बीच एक गुप्त बैठक भी हुई। इस बैठक का कोई भी रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है। सुनक को लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद सोमवार को कंजर्वेटिव पार्टी का नया नेता चुना गया था। लिज ट्रस ने अपनी आर्थिक नीतियों और कैबिनेट मंत्रियों के इस्तीफे को लेकर आलोचना झेल रही थीं। ऋषि सुनक एक साल के अंदर तीसरे ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं।

सुनक के प्रधानमंत्री पद पर शपथग्रहण के बाद सबकी नजर उनके कैबिनेट पर टिकी हुई हैं। कुछ ही घंटों में सुनक अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं। सभी की नजर ब्रिटेन के वित्त मंत्री, विदेश मंत्री और गृह मंत्री के पद पर टिकी हुई हैं। ब्रिटेन की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सुनक को एक सुलझा हुआ और जानकार वित्त मंत्री की जरूरत है। वहीं, रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन की आक्रामकता से मुकाबला करने के लिए उन्हें एक मजबूत विदेश मंत्री भी चाहिए। प्रवासियों से जुड़े मुद्दे और हिंदू-मुस्लिम झगड़ों को सुलझाने के लिए टीम में एक योग्य गृह मंत्री का भी होना जरुरी है। बताया जा रहा है कि लिज ट्रस के मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री रहे जेरेमी हंट की कुर्सी को कोई खतरा नहीं है। वे पहले से ही ऋषि सुनक के कट्टर समर्थक रहे हैं।

शीर्ष पदों के लिए उल्लिखित अन्य नामों में पूर्व कैबिनेट मेंबर डॉमिनिक रॉब का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। वह कंजर्वेटिव पार्टी नेतृत्व की दौड़ में लिज ट्रस से हारने के बाद भी ऋषि सुनक के प्रति वफादार बने रहे। इसके अलावा मंत्री के तौर पर पेनी मोर्डंट के नाम की भी चर्चा है। पिछले दो नेतृत्व चुनावों में मोर्डंट ने भी अपना भाग्य आजमाने की कोशिश की, लेकिन वहां शुरुआती मुकाबलों में ही हार गई थीं। इसके अलावा पूर्व मंत्री माइकल गोव और साथ की पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ओलिवर डाउडेन के नाम की भी भी चर्चा है। इन नेताओं को सुनक कैबिनेट में मंत्री बनाया जा सकता है। 





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