इटावा: चंबल क्षेत्र में डर का पर्याय रहे कुख्यात डकैत निर्भय गुर्जर की बहू को जेल से रिहा किया गया हैं। चंबल घाटी की खूबसूरत दस्यु सुंदरियों में शुमार रही सरला जाटव को इटावा की जिला जेल से रिहा किया है। उम्र कैद की सजा काट रही सरला जाटव की रिहाई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई है। सरला जाटव चंबल घाटी के कुख्यात दस्यु सरगना निर्भय गुर्जर गैंग की प्रमुख सदस्य भी मानी जाती है। 

सरला जाटव की रिहाई की पुष्टि कर इटावा के जेल अधीक्षक डा.रामधनी सिंह ने बताया कि उम्र कैद की सजा पाए, सरला जाटव की रिहाई के लिए उनके भाई विजय सिंह ने, इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। जिस पर अदालत ने जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया है। जेल से रिहाई के बाद सरला और उसके परिवार के लोग, मीडिया के कैमरों से बचने की कोशिश में भागते हुए दिखाई दिए। जेल से रिहाई के बाद सरला और उसके परिवार के सदस्य एक कार के में बैठकर चले गए। 

बता दें कि सरला को इटावा रेलवे स्टेशन से 8 सिंतबर 2005 को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह ट्रेन से कहीं जाने की तैयारी में थी। सरला के खिलाफ हत्या के प्रयास, हत्या, गैंगस्टर समेत, 15 अपराधिक मामले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज थे।दस्यु सुंदरी सरला पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरला का नाम पुलिस रिकार्ड में, प्रचलित दुराचारी नंबर 77 ए के नाम से दर्ज है। 

सरला के पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार निर्भय गुर्जर ने अपने दत्तक पुत्र, श्याम जाटव के साथ सन 2000 में सरला की शादी कर दी थी। बताया गया कि कुख्यात डाकू निर्भय गुर्जर ने, श्याम जाटव का दिल्ली से अपहरण किया था। बाद में उसने श्याम को अपना दत्तक पुत्र बना लिया था। निर्भय गुर्जर ने श्याम की शादी, जनपद औरेया के अजीतमल इलाके के नियामतपुरा गांव निवासी सरला जाटव से कराई थी।शादी के बाद सरला जाटव भी निर्भय गुर्जर के गिरोह की सक्रिय सदस्य बन गई। सरला कम उम्र में ही बंदूक के कारतूस को कमर में लगाकर घूमती थी। श्याम जाटव से शादी के बाद से ही उसका भी चंबल में बोलबाला हो गया। कुछ घटनाओं में उसका नाम आते ही पुलिस की लिस्ट में सरजा वान्टेड हो गई। सरला को ब्रांडेड चश्मे और जींस-टीशर्ट की काफी शौक था। साथ ही, खाकी वर्दी, डार्क लिपिस्टिक, माथे पर बिंदी और हाथों में चूड़ियां पहनना भी खूब पसंद है।






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