श्रीनगर: कश्मीर घाटी में हिंदू अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्याओं में बेतहाशा वृद्धि के बीच सरकार ने श्रीनगर में तैनात 177 कश्मीरी पंडित शिक्षकों के तबादले का आदेश दिया। उनका सुरक्षित स्थानों पर तबादला किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीरी पंडित समुदाय और प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों के मद्देनजर शुक्रवार को दिल्ली में एक हाई लेवल बैठक की थी। उन्होंने अशांत केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। इस बैठक के बाद कश्मीरी पंडित शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश आया है।

प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित मध्य कश्मीर में बडगाम जिले के चदूरा इलाके में 12 मई को आतंकवादियों द्वारा राहुल भट की हत्या के बाद से सहम गए हैं। वे बड़े पैमाने पर पलायन की धमकी देते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भट की हत्या के बाद विभिन्न स्थानों पर लगभग 6,000 कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने घाटी के बाहर अपने ट्रांसफर की मांग की।

गुरुवार को, कश्मीर में दो लोगों (एक बैंक कर्मचारी और एक ईंट भट्ठा मजदूर) की मौत हो गई। आपको बता दें कि एक मई से से अब तक बैंक मैनेजर आतंकवादियों का आठवां और मजदूर कश्मीर में नौवां शिकार था। जम्मू क्षेत्र के सांबा जिले की रहने वाली एक महिला शिक्षिका की मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के एक स्कूल में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। 18 मई को आतंकवादी उत्तरी कश्मीर के बारामूला में एक शराब की दुकान में घुस गए और एक ग्रेनेड फेंका, जिसमें जम्मू क्षेत्र के एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिसकर्मी सैफुल्ला कादरी की 24 मई को श्रीनगर में उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि टेलीविजन कलाकार अमरीन भट की दो दिन बाद बडगाम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 



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