वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सर्वे का वीडियो लीक होने के बाद से आरोपों और बयानबाजी का दौर जारी है। इस बीच ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन एम एस बिट्टा काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे हैं। बिट्टा ने मंदिर में दर्शन करने के बाद कहा कि बाबर के समय में मंदिरों का अपमान हुआ है। बिटटा ने कहा कि काशी में ज्योतिर्लिंग था और रहेगा। बाबर और औरंगजेब ने म‌ंदिरों को तोड़ा था यह सभी को मानना चाहिए। 

इस दौरान उन्होंने एआईएमआईएम के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर भी जमकर हमला किया। उन्होंने औरंगजेब की कब्र पर ओवैसी की ओर से चादर चढ़ाने की बात की निंदा की। उन्होंने ओवैसी को सलाह दी कि वे खूनी इतिहास के पन्नों को खोलने की कोशिश न करें। औरंगजेब एक क्रूर और जालिम शासक था। बिट्टा ने कहा कि ज्ञानवापी से जो भी सबूत मिले हैं, उस देखकर यहीं लगता है कि यहां पर मंदिर था और मंदिर है। आने वाले समय में यहां पर मंदिर ही रहेगा।

गौरतलब है कि बिट्टा काशी विश्वनाथ मंदिर अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के तहत देश में शांति की कामना करने के लिए पहुंचे थे। 

वहीं इससे पहले सर्वे रिपोर्ट का वीडियो कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के कुछ देर बाद ही लीक हुआ और टीवी पर चलने लगा। जिसके बाद हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने कहा था कि हम लोगों ने अभी तक सर्वे रिपोर्ट को खोला भी नहीं है और ये टीवी पर चलने लगी है। हमारे पास सर्वे रिपोर्ट के लिफाफे सीलबंद रखे हुए हैं। उन्होंने इसके साथ ही सीलबंद लिफाफे भी दिखाए। उन्होंने कहा था कि वीडियो कहां से लीक किया गया है ये पता लगाना है। 




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