मोरबी: गुजरात समेत देश को रुलाने वाली मोरबी की ब्रिज दुर्घटना में अब तक 140 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है| हांलाकि गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने 132 लोगों की मौत की पुष्टि की है| यह आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है| अब तक 200 से अधिक लोगों को बचा लिया गया है| 19 लोगों को छोटी-मोटी चोट लगने से अलग अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है| जिसमें 3 लोगों को राजकोट रिफर किया गया है| दूसरी ओर केबल ब्रिज टूटने के बाद मच्छू नदी में गिरे लोगों की तलाश में थल सेना, वायु सेना, नौ सेना, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड समेत टीमें पिछले 18 घंटों से तलाश कर रही हैं| रविवार की रात करीब 11 बजे के आसपास मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी, मंत्री ब्रिजेश मेरजा, राज्यमंत्री अरविंद रैयाणी ने घटनास्थल पर जाकर जरूरी दिशा निर्देश दिए| जिला प्रशासन के मुताबिक दुर्घटना के बाद तुरंत स्थानीय प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू कर दिया था| उस दौरान अन्य शहरों से भी बचाव टीमें घटनास्थल पहुंचने लगी| घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राजकोट, जामनगर, जूनागढ़ महानगर पालिका समेत मोरबी नगर पालिका की कुल 25 जितनी एम्ब्युलैंस 108 गायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए रातभर दौड़ती रहीं| सुरेन्द्रनगर की आर्मी की टीम अपनी तीन एम्ब्युलैंस और अन्य साधन सामग्री के साथ बचाव कार्य में जुट गईं| इसके अलावा वडोदरा से 3 और गांधीनगर से 2 समेत एनडीआरएफ की पांच टीमों के 110 सदस्य भी घटनास्थल पर पहुंच गए और बचाव कार्य में जुट गए| जबकि एसडीआरएफ की जामनगर की 2, गोंडल और वडोदरा के 3-3 प्लाटून के 149 जितने जवान भी बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए| जामनगर से गरूड कमान्डो की एक टीम के अलावा सुरेन्द्रनगर और भुज की दो कंपनियां में बचाव कार्य में जुट गईं| इसके अलावा राजकोट फायर ब्रिगेड की 7 टीम 10 बोट के साथ गटनास्थल पर पहुंची| जामनगर और पोरबंदर की नौ सेना की 2 टीम के 50 जवान दुर्घटना के हतभागियों की तलाश में जुट गए| घटना को करीब 18 घंटे बीत चुके हैं और अब भी मच्छू नदी में लोगों की तलाश जारी है| इस दुर्घटना में अब तक 140 लोगों की मौत हो चुकी है और इस आंकड़े के बढ़ने की आशंका बनी हुई है|



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