हरिद्वार (दैनिक हाक): उत्तराखण्ड परिवहन की बस गुरूवार की सुबह चीला मार्ग से होते हुए ऋषिकेश जाते वक्त दक्षिण काली मन्दिर के समीप कार को बचाने के दौरान पलट गयी। बस में सवार यात्रियों की चीख पुकार मच गयी। सूचना पर पुलिस और एम्बुलेस मौके पर पहुंची और बस में फंसे घायलों को बाहर निकाल कर उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि बस में 30 यात्री सवार थे जोकि घायल हुए है। लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। चिकित्सकों ने घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी। प्राप्त जानकारी के अनसार उत्तराखण्ड परिवहन की एक बस बनवासा से हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश जा रही थी। बताया जा रहा हैं कि जब बस चण्डीघाट पुल से चीला मार्ग की ओर मुडी और कुछ ही दूरी पर दक्ष्णि काली मन्दिर के पास पहुंची, तभी बस चालक सामने जा रही कार को बचाने के चक्कर में बस से संतुलन खो बैठा। सवारियों से भी बस पलट गयी, घटना में बस में सवार यात्रियों की चीख पुकार मच गयी। वहां मौजूद कुछ पुलिस कर्मियों ने तत्काल घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। सूचना पर तत्काल पुलिस फोर्स के साथ एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। जिन्होंने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाल कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। बताया जा रहा है कि बस में 30 यात्री सवार थे जोकि सभी घायल बताये जा रहे हैं। बस पलटने की सूचना पर जिला अस्पताल में चिकित्सकों में हड़कम्प मच गया और अनन फनन में घायलों का उपचार शुरू किया गया। लेकिन गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा हैं कि सात घायलों को फैक्चर होने की सम्भावना को देखते हुए उनके एक्सरे कराये गये हैं। जिनमें भुवन धामी, अर्जुन धामी, जगत धामी, फोना धामी, भगवानदास, केशव धामी और पदम धामी शामिल है। घटना में कोई गम्भीर घायल न होने पर चिकित्सकों ने राहत की सास ली है। चिकित्सकों ने घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी। घायल भुवन धामी का कहना हैं कि उनको केदारनाथ जाना था, जोकि मजदूरी करते हैं। लेकिन ऋषिकेश जाते वक्त कार को बचाने के चक्कर में चालक नियंत्रण खो बैठा और बस पलटने से घायल हो गये। जिला अस्पताल चिकित्साधिकारी डॉ- चंदन मिश्रा ने बताया कि बस पलटने की घटना में घायल 22 मरीज उपचार के पहुंचे थे। जिनमें कोई गम्भीर नहीं था, घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी है। 



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