हरिद्वार (दैनिक हाक): लाइब्रेरी घोटाला भाजपा विधायक पूर्व मंत्री के गले की फांस बनता जा रहा है। लाइब्रेरी घोटाला अब सुप्रीम कोर्ट पंहुचा तो पूर्व मंत्री अब इस घोटाले से बचने की जुगत भिड़ाने में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री लाइब्रेरी घोटाले के मुकदमों को सुप्रीम कोर्ट से वापस लेने की गुहार लेकर हरिद्वार के एक कांग्रेसी नेता की शरण में पंहुच गए। पूर्व मंत्री ने कांग्रेसी नेता से सुप्रीम कोर्ट से लाइब्रेरी घोटाले से सम्बंधित मुकदमों को वापस करवाने के लिए मिन्नतें की।

करीब एक करोड़ रुपये से अधिक का लाइब्रेरी घोटाला पूर्व मंत्री विधायक मदन कौशिक के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। लाइब्रेरी घोटाले को लेकर याचिकाकर्ता सच्चिदानंद डबराल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को स्वीकार क़रते हुए इस पर सुनवाई की शुरुआत कर दी है।

मदन कौशिक के शहरी विकास मंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी विधायक निधि से हरिद्वार में पहले 16 लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद इनकी संख्या 11 और फिर 10 की गयीं। इन लाइब्रेरियों के लिए मदन कौशिक की विधायक निधि से पहले 42 लाख रुपये जारी किए गये थे। इसके बाद 23-23 लाख की दो किश्तों की नगर निगम से मांग की गयी। विधायक निधि से बनने वाली इन सभी लाइब्रेरियों के विधायक निधि के पैसे की मदन के समर्थकों में बंदरबाँट कर ली और 10 में से एक भी लाइब्रेरी नहीं बनी। कागजों में सभी 10 लाइब्रेरियां बनने के बाद चालू हालत दिखा दी गयी जबकि हकीकत में एक भी लाइब्रेरी मौके पर नहीं मिली।

ज़ब मौके पर लाइब्रेरियों की जाँच की गयी तो एक लाइब्रेरी की जगह खड़खड़ी कुंज गली मंे बारातघर, देवपुरा में लाइब्रेरी की जगह एक खाली बंद कमरा मिला जबकि शिवलोक कॉलोनी में जिस जगह को लाइब्रेरी बताया गया वहां पर महिलाएं गेहंू सुखाते हुए मिली। वहां बकरिया बँधी हुई थी और वहां कमरे में शराब की खाली बोतल पाई गयी, बाकि लाइब्रेरियों का भी यही हाल मिला।

उत्तराखंड लोकायुक्त ने भी इसकी रिपोर्ट जारी की थी और सिडकुल थाने में भी लाइब्रेरी घोटाले को लेकर रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। मदन कौशिक के मंत्री रहते मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट पंहुचा मगर वहां मामला मदन के पक्ष में गया। इसके बाद याचिकाकर्ता सच्चिदानंद डबराल सुप्रीम कोर्ट चले गए जहां उन्होंने स्पेशल लीव पेटीशन दायर कर दी जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए उस पर सुनवाई शुरु कर दी।

सुप्रीम कोर्ट में लाइब्रेरी घोटाले को लेकर याचिका दायर होने के बाद अब पूर्व मंत्री की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। इसीलिए अब पूर्व मंत्री येन केन प्रकारेण याचिका वापस करवाने की कोशिशों में लग गए हैं। पूर्व मंत्री आज उत्तरी हरिद्वार स्थित कांग्रेस के दिग्गज नेता सतपाल ब्रह्मचारी के पास पंहुच गए। भूपतवाला स्थित एक आश्रम के उद्घाटन के मौके पर दोनों कार्यक्रम में मौजूद थे। बताया जा रहा है कार्यक्रम के बाद मदन सतपाल ब्रह्मचारी के आश्रम चले गए। बंद कमरे में दोनों के बीच करीब एक घंटे बातचीत हुई। सूत्र बता रहे हैं कि मदन कौशिक सतपाल ब्रह्मचारी से सुप्रीम कोर्ट मंे दायर एसएलपी वापस करवाने की गुहार लगाते रहे। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री सतपाल ब्रह्मचारी से मिन्नतें क़रते रहे, उनके लिए हरिद्वार की विधायक की सीट से इस्तीफा देकर खाली करने का वास्ता देते रहे। उन्होंने कांग्रेस नेता से कहा कि मेरी आपसे कोई दुश्मनी नहीं है बस आप यह याचिका वापस करवा दीजिये। पूर्व मंत्री ने सतपाल ब्रह्मचारी से कहा कि याचिकाकर्ता सच्चिदानंद डबराल से आपने यह याचिका लगवाई है। बताया जा रहा है कि सतपाल ब्रह्मचारी ने उनसे इन सब बातों से इंकार करते हुए याचिका वापस करवाने में असमर्थता जाहिर की।




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