चंड़ीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा चंड़ीगढ़ में एक कार्यक्रम में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी समाज के लिए खतरा है। किसी भी समृद्ध राष्ट्र को नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रति जीरो टॉलरेंस रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाकर युवा पीढ़ी को बचाना है। इस अवसर पर यहां 30,000 किलोग्राम से अधिक जब्त की गई दवाओं को 4 स्थानों पर नष्ट किया गया। एनसीबी ने एक जून से मादक पदार्थों के निपटान से संबंधित अभियान की शुरुआत की थी और 29 जुलाई तक 11 राज्यों में 51,217 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों का निपटारा किया जा चुका है।

‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर, एनसीबी ने आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर 75,000 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट करने का संकल्प लिया है। शनिवार को 30,468.784 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों के निपटान के बाद, कुल मात्रा लगभग 81,686 किलोग्राम तक पहुंच जाएगी, जो एनसीबी के लक्ष्य से अधिक होगी। यह नशा मुक्त भारत की लड़ाई में एक बड़ी उपलब्धि होगी। सम्मेलन में पहली बार गृह मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और मादक पदार्थों से संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि ​​एक मंच पर मौजूद थे। विज्ञप्ति में कहा गया कि यह सम्मेलन देश को नशे के खतरे से मुक्त कराने के मोदी सरकार के अटूट संकल्प को दर्शाता है। सम्मेलन के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्रियों, पंजाब के राज्यपाल सह केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल तथा चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिवों एवं पुलिस महानिदेशकों से मिलेंगे।

शाम को अमित शाह तीन सरकारी स्कूल भवनों के उद्घाटन से जुड़े एक कार्यक्रम में शरीक होंगे। नई दिल्ली रवाना होने से पहले, वह पंजाब राजभवन में रात्रि भोज के बाद सुखना झील में ‘हर घर तिरंगा’ और आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रमों में शरीक होंगे। पिछले चार महीनों में केंद्रीय गृह मंत्री का चंडीगढ़ में यह दूसरा दौरा है। 





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