नई दिल्ली: ड्रैगन अपनी विस्तारवादी अनैतिक मंशा से बाज नहीं आ रहा है। अपनी महत्वाकांक्षी नीतियों के तहत चीन अब भूटान के रास्ते भारत को घेरने की तैयारी कर रहा है। चीन ने डोकलाम से 9 किमी दूर भूटान की अमो चू घाटी में गांव बसा लिया है। भूटानी इलाके में मौजूद इस गांव का नाम चीन ने पंगडा रखा है। भारत ने इस मामले के तीन दिन बाद कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर डालने वाले सभी विकास पर लगातार नजर रख रहा है। डोकलाम वही जगह है, जहां 2017 में चीन और इंडियन आर्मी का सामना हुआ था। डोकलाम में गांव के निर्माण की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। सबसे पहले नवंबर 2019 में पहली तस्वीर आई थी। अब ये गांव पूरी तरह से आबाद हो चुका है। लगभग हर घर के आगे कार दिखाई दे रही है। पंगडा के पास ही ऑल वेदर रोड है, जो चीन ने भूटान की जमीन पर कब्जा कर बनाई है। यह रोड तेज बहाव वाली अमो चू नदी के किनारे है, जो भूटान के 10 किमी अंदर है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची से जब चीनी गांव को दिखाने वाली सैटेलाइट तस्वीरों के बारे में पूछ गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं मीडिया में आई खबरों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं विशेष रूप से डोकलाम के संदर्भ में एक विस्तृत बात कहना चाहता हूं कि कृपया आश्वस्त रहें। सरकार भारत की सुरक्षा पर असर डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखे हुए है और इसकी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करती है।’ भूटान के मोर्चे पर यह घटना ऐसे समय हुई है, जब भारत और चीन के बीच पूर्वी मोर्चे पर लद्दाख में तनाव कम करने के लिए 16 राउंड की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, इसके बाद भी अहम नतीजा नहीं निकल पाया है। आखिरी राउंड की बातचीत रविवार को हुई थी।

बता दें भारत और चीन के बीच डोकलाम ट्राई-जंक्शन पर 73 दिनों तक गतिरोध बना रहा। यह गतिरोध तब शुरू हुआ जब चीन ने उस क्षेत्र में एक सड़क का विस्तार करने की कोशिश की, जिस पर भूटान ने दावा किया था। मंगलवार को सामने आए गांव की तस्वीरें दिखाती हैं कि नई बस्ती पूरी तरह से बसी हुई है और हर घर की चौखट पर कारें खड़ी हैं। पिछले साल अक्टूबर में, भूटान और चीन ने अपने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत में तेजी लाने के लिए ‘तीन-चरणीय रोडमैप’ के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। भूटान चीन के साथ 400 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा साझा करता है।





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