बीजिंग: जिस राष्ट्रगान के सहारे चीन अपने नागरिकों को देशभक्ति की वैक्सीन लगाता है, जिस राष्ट्रगान के लिए माओ के वारिश मर मिटने की कसमें खाते हैं, उसी राष्ट्रगान ने बीजिंग की सत्ताधीशों को भयभीत कर दिया है। चीन में सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे राष्ट्रगान की पहली लाइन पर बैन लगा दिया गया है। राष्ट्रगान की पहली पंक्ति को बजाने पर सख्ती से पाबंदी क्यों लगाई गई है? 

ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि चीनी राष्ट्रगान की पहली लाइन शी जिनपिंग की सत्ता के लिए संकट का पैगाम देती है। चीन के राष्ट्रगान की पहली लाइन है 'स्टैंड अप हू रिफ्यूज टू बी ए स्लेव' यानी जो तुम्हें गुलाम बनाने की कोशिश करते हैं उनके खिलाफ खड़े हो जाओ। 

उल्लेखनीय है कि चीन में जिनपिंग हुकूमत के खिलाफ कई जगहों पर लोग बगावती तेवर अपना रहे हैं। खासतौर से चीन में हुए बैंक घोटाले के बाद हेनांन से लेकर शंघाई तक लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों में लोग चीन के राष्ट्रगान की पहली लाइन का नारा लगा रहे हैं। इस वक्त चीन गंभीर बैंकिंग संकट के दौर से गुजर रहा है। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि कई बैंकों ने अपने ग्राहकों के पैसे निकालने पर रोक लगा दी है। ऐसे में हजारों लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया है। लोगों का उग्र रूप देखते हुए चीन की सड़कों पर पुलिस और टैंक उतर गए हैं। मीडिया सरकारी नियंत्रण में है। ऐसे में मेन स्ट्रीम मीडिया से इस तरह की खबरों के सामने आने की गुंजाइश न के बराबर है। यही वजह है कि लोग सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपने इस झड़पों की वीडियो शेयर कर रहे हैं और अपने पैसे की मांग कर रहे हैं। 



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