मुंबई: भारतीय नौसेना ने परियोजना 17-ए के तहत बने तीसरे युद्धपोत ‘तारागिरि' का जलावतरण किया है। मुंबई के मझगाव डाक शिपबिल्डर्स (एमडीएल) ने बयान जारी करके यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि यह युद्धपोत एक एकीकृत निर्माण पद्धति का उपयोग करके बनाया गया है। 

एमडीएल ने कहा, ‘‘गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुपालन में, भारत सरकार ने 11 सितंबर को राजकीय शोक घोषित किया (महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के कारण), यह कार्यक्रम एक तकनीकी लॉन्च तक सीमित था। चूंकि यह कार्यक्रम ज्वार पर निर्भर था, इसलिए तय कार्यक्रम में बदलाव संभव नहीं था।''

युद्धपोत का नाम नेवी वाइव्स वेलफेयर ऐसोसिएशन (पश्चिमी क्षेत्र) की अध्यक्ष चारु सिंह, वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह, एफओसी-इन-सी पश्चिमी नौसेना कमान, की पत्नी ने रखा। अजेंद्र बहादुर इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।

'तारागिरि' का निर्माण 10 सितंबर, 2020 को शुरू किया गया था और इसकी आपूर्ति अगस्त 2025 तक होने की उम्मीद की जा रही है। इस पोत को 3,510 टन के अनुमानित भार के साथ लॉन्च किया गया है। इसे भारतीय नौसेना के इन-हाउस डिजाइन संगठन, ब्यूरो ऑफ नवल डिजाइन द्वारा डिज़ाइन किया गया है। 

एमडीएल ने जहाज के विस्तृत डिजाइन और निर्माण का काम किया है, जिसकी देखरेख युद्धपोत निगरानी दल (मुंबई) भी करता है। बयान में कहा गया है कि परियोजना 17ए का कुल मूल्य लगभग 25,700 करोड़ रुपये है। प्रोजेक्ट 17A का पहला जहाज 'नीलगिरी', 28 सितंबर, 2019 को लॉन्च किया गया था और वर्ष 2024 की पहली छमाही में इसका समुद्री परीक्षण अपेक्षित है।



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