नई दिल्‍ली: आसमान छूती महंगाई का असर खाद्य तेलों पर पड़ा जिसके चलते सरसों के तेल के भाव में भारी उबाल रहा था, लेकिन अब यह शांत हो चुका है। पिछले कुछ दिनों से निरंतर इसका भाव नीचे आ रहा है। उत्‍तर प्रदेश में अब सरसों तेल का थोक भाव 154 रुपये लीटर तक आ गया है। एक समय था जब सरसों के तेल 200 रुपये पार कर गया था। बिहार में भी अब सरसों के तेल का भाव कम होकर 175 रुपये लीटर हो गया है।

सरसों तेल के रेट कम होने का प्रमुख कारण सरसों के भाव में कमी और तेल की मांग में नरमी आना है। उत्तर भारत में सरसों तेल की खपत ज्‍यादा होती है। वहीं, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल महाराष्ट्र और गुजरात में सूरजमुखी, सोयाबीन, बिनौला, मूंगफली जैसे अन्य तेलों की अधिक खपत है। भावों में बेतहाशा बढ़ोतरी होने से भी सरसों तेल की मांग कम हुई है। जानकारी के अनुसार, उत्‍तर प्रदेश में गुरुवार 1 सितंबर को सरसों तेल का भाव 154 रुपये प्रति लीटर है। कल 31 अगस्त को भी उत्‍तर प्रदेश में सरसों तेल का दाम 171 रुपये लीटर था। यानि आज सरसों तेल का रेट कम हुआ है। कुछ महीने पहले सरसों के तेल के दाम 210 रुपये तक पहुंच गए थे। उत्‍तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में सरसों का आज का भाव 160 रुपये लीटर है। वहीं राजधानी लखनऊ में यह 154 रुपये लीटर बिक रहा है। मेरठ में 170 रुपये, अलीगढ़ में 144 रुपये लीटर और कानपुर में 200 रुपये लीटर बिक रहा है। गौतमबुद्ध नगर में 160 रुपये और रायबरेली में 156 रुपये लीटर सरसों का तेल बिक रहा है।

देश में पिछले कुछ समय से सरसों के दाम भी कम हुए हैं। एक बार 8 हजार रुपये क्विंटल को पार कर चुके सरसों के रेट अब 6000-6500 रुपये के दायरे में चल रहे हैं। उत्‍तर प्रदेश सरसों का भाव 6100 रुपये क्विंटल है। वहीं हरियाणा में सरसों का एवरेट रेट 5750 रुपये क्विंटल है। इसी तरह मध्‍यप्रदेश में भी सरसों 6000 रुपये क्विंटल तक बिक रही है।






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