-कप्तान रोहित और कोच राहुल के सामने है दो बड़े काम

नई दिल्ली: भारतीय टीम एडिलेड पहुंच चुकी है, जहां उसे 2 नवंबर को बांग्लादेश से भिड़ना है। इस मैच से पहले कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ के सामने दो बड़े काम हैं। पहला पर्थ में मिली हार की वजह तलाशना और दूसरा, उस हार से सीख लेते हुए बांग्लादेश के खिलाफ ऐसा प्लेइंग-इलेवन चुनना, जो जीत दिला सके। 

मालूम हो कि टीम इंडिया को बीते रविवार को टी20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। यह टूर्नामेंट में भारत की पहली हार थी। पर्थ की तेज और उछाल भरी पिच पर भारतीय बल्लेबाज नाकाम रहे।हालांकि, अंतिम-11 को चुनने को लेकर जरूर कोच और कप्तान के सामने दुविधा होगी। खासतौर पर केएल राहुल और दिनेश कार्तिक के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए।केएल राहुल के लिए अबतक टी20 वर्ल्ड कप अच्छा नहीं बीता है। अब तक खेले 3 मैच में उनका स्कोर 4, 9 और 9 रहा है। बल्लेबाजी के दौरान उनमें आत्मविश्वास नजर नहीं आ रहा है। उनके पैर चल नहीं रहे हैं। वो गेंद की लाइन और लेंथ को पढ़ नहीं पा रहे हैं। 

ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि क्या भारतीय टीम आगे के मुकाबलों में भी बतौर ओपनर राहुल पर ही भरोसा जताएगी या फिर ऋषभ पंत या किसी और बल्लेबाज को टॉप ऑर्डर में मौका देगी? और पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाकाम रहने के बाद भी क्या दिनेश कार्तिक ही मैच फिनिशर की भूमिका निभाएंगे।हालांकि, सोमवार को जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया गया, तो उसमें कार्तिक का नाम नहीं था लेकिन चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया में टीम मैनेजेमेंट के चयन विकल्पों पर कुछ भी कहने से परहेज करते हुए कहा कि प्लेइंग-इलेवन चुनना उनका विशेषाधिकार है। केएल राहुल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज और अभ्यास मैच में लगातार 4 अर्धशतक लगाने के बाद टी20 वर्ल्ड कप में खेलने उतरे हैं लेकिन, इसके बाद से ही वो रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ भी एक डिफेंसिव शॉट खेलते हुए वो आउट हो गए थे। नीदरलैंड्स के खिलाफ वो अंदर आती गेंद को भांप नहीं पाए और एलबीडब्ल्य़ू हो गए। हालांकि, वो रिव्यू लेते तो शायद बच जाते। क्योंकि गेंद लेग स्टम्प को मिस कर रही थी। 

वहीं, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तो उन्होंने सीधे स्लिप में ही कैच थमा दिया था।नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा था कि केएल राहुल के बाएं पैर का पहला मूवमेंट उन्हें परेशानी में डाल रहा है। अगर वो इस कमजोरी को दूर नहीं करेंगे, तो परेशानी में आएंगे। वो यह फैसला नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें फ्रंटफुट या बैकफुट पर जाना है या अपनी जगह पर ही खड़े रहकर खेलना है। अब तक टीम मैनेजमेंट ने फर्स्ट चॉइस ओपनर के तौर पर केएल राहुल पर भरोसा जताया है। अब भारत को जिम्बाब्वे और बांग्लादेश के खिलाफ दो मैच खेलने हैं। यह दोनों ही टीमें करीब-करीब एक जैसी हैं। ऐसे में यह हो सकता है कि टीम इंडिया बाकी बचे मुकाबलों में भी राहुल के साथ ही जाए। ताकि वो सेमीफाइनल से पहले लय हासिल कर सके।37 साल के दिनेश कार्तिक को सेलेक्टर्स ने मैच फिनिशर के तौर पर टी20 विश्व कप के लिए चुना था। वो डेथ ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए चुने गए थे।

 हालांकि, इस रोल में वो खरे नहीं उतरे। पाकिस्तान के खिलाफ, वो दूसरी गेंद पर ही स्पिनर के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में स्टम्प हो गए थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तो सिर्फ कार्तिक ही नहीं, बल्कि पूरी बल्लेबाजी फ्लॉप रही थी। सिर्फ सूर्यकुमार यादव चमके थे। ऐसे में केएल राहुल की तरह ही कार्तिक के मामले में भी यह तर्क दिया जा सकता है कि कार्तिक के पास भी अपना आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ कुछ रन बनाने का बेहतर मौका हो सकता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टूर्नामेंट अपने आखिरी पड़ाव की तरफ पहुंच रहा है, ऐसे में कब तक टीम मैनेजमेंट कार्तिक पर यकीन बनाए रखता है।ऋषभ पंत को अब तक टी20 वर्ल्ड कप में मौका नहीं मिला है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दिनेश कार्तिक की कमर में चोट लग गई थी। ऐसे में आखिरी के कुछ ओवर में पंत ने विकेटकीपिंग की थी।

 अगर कार्तिक बांग्लादेश के खिलाफ मैच के लिए फिट नहीं होते हैं तो पंत का खेलना तय है। पूर्व भारतीय ओपनर भी पंत को ऑस्ट्रेलिया में कार्तिक से बेहतर विकल्प मान रहे हैं। अगर इस साल टी20 में दोनों बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट को देखें तो बहुत अंतर नहीं है। पंत ने 17 पारियों में 137 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं जबकि 21 पारियों में कार्तिक का स्ट्राइक रेट 141 रहा है। 





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